पटना (बिहारस्कैन विशेष डेस्क): कहते हैं कि हौसलों के तरकश में कोशिशों का वो तीर जिंदा रखो, हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो। लेकिन जब परीक्षा व्यवस्था की खामियों की वजह से 22 लाख से ज्यादा युवाओं को अपनी ही जीती हुई बाजी फिर से खेलनी पड़े, तो उम्मीदों का वो तीर थोड़ा डगमगा जरूर जाता है। 3 मई को देश भर में हुई परीक्षा जब पेपर लीक की भेंट चढ़ गई, तो छात्रों के सपनों पर वज्रपात हुआ。 अब, वही घड़ी फिर से सामने है—NEET re exam tomorrow यानी कल रविवार, 21 जून 2026 को होने जा रहा है।
बिहार के दूर-दराज के गांवों से लेकर पटना के बोरिंग रोड के कोचिंग हब तक, इस वक्त माहौल में एक अजीब सी खामोशी और घबराहट है। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के त्याग, रातों की नींद और आंसुओं का री-टेस्ट है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दावा किया है कि इस बार परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। लेकिन मानसिक रूप से टूट चुके छात्रों के लिए कल का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
इस बार (NEET Re Exam) क्या बदलेगा? परीक्षा हॉल के नए नियम और राहतें

चूंकि NEET re exam tomorrow को लेकर छात्रों में भारी तनाव है, इसलिए NTA ने इस बार सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ कुछ ऐसे बदलाव भी किए हैं जो छात्रों को मानसिक रूप से थोड़ी राहत दे सकते हैं।
- 15 मिनट का अतिरिक्त समय: सबसे बड़ा बदलाव समय को लेकर है。 इस री-एग्जाम में छात्रों को अब कुल 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा, जो दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 तक चलेगा。 यह अतिरिक्त 15 मिनट वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक प्रक्रियाओं के कारण होने वाले तनाव को कम करने के लिए दिया गया है।
- रफ वर्क के लिए दोगुनी जगह: अमूमन छात्रों की शिकायत रहती थी कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के लंबे कैलकुलेशन के लिए जगह कम पड़ती है। इस बार क्वेश्चन बुकलेट में रफ काम के लिए 2 के बजाय 4 पन्ने दिए जा रहे हैं। ये पन्ने बुकलेट की शुरुआत और अंत में व्यवस्थित होंगे।
बिहार के छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या हैं?
बिहार के संदर्भ में देखें तो परीक्षा केवल किताबों को दोहराने का नाम नहीं है। यहाँ के छात्रों को जमीनी स्तर पर कई बड़ी व्यावहारिक और मानसिक चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है:
a) ‘मेंटल पीकिंग’ और दोबारा फोकस करने का संकट
किसी भी बड़ी परीक्षा के लिए छात्र महीनों पहले से अपना एक ‘पीक टाइम’ तय करते हैं, जहाँ उनका दिमाग सबसे ज्यादा एक्टिव होता है। 3 मई के लिए छात्रों ने अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दी थी। परीक्षा रद्द होने के बाद उस बिखरी हुई ऊर्जा और एकाग्रता को समेटकर दोबारा उसी मानसिक स्थिति में आना सबसे बड़ी चुनौती है। पटना के एक कंकड़बाग सेंटर के छात्र अमरीश कुमार कहते हैं, “लग रहा है कि दिमाग पूरी तरह खाली हो चुका है। जो फॉर्मूले उंगलियों पर याद थे, उन्हें देखने में अब चिढ़ हो रही है।”
b) मौसम की मार और यात्रा की थकान
जून के इस महीने में बिहार और उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप है। कई छात्रों के सेंटर उनके गृह जिलों से दूर दूसरे शहरों में पड़े हैं。 बसों और ट्रेनों में भीड़ के बीच सफर करके, बिना सोए परीक्षा केंद्र तक पहुँचना और फिर 3 घंटे से ज्यादा समय तक एकाग्रता बनाए रखना अपने आप में एक शारीरिक युद्ध है।
c) बढ़ा हुआ सुरक्षा घेरा और बायोमेट्रिक का डर
NTA ने इस बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल चेकिंग को अनिवार्य कर दिया है。 हर सेंटर पर जैमर और सीसीटीवी की संख्या दोगुनी कर दी गई है। सुरक्षा अच्छी बात है, लेकिन अत्यधिक कड़ाई कई बार मासूम छात्रों को डरा देती है। हालांकि, NTA ने साफ किया है कि अगर किसी तकनीकी खराबी या फिंगरप्रिंट न मिलने के कारण बायोमेट्रिक अटकता है, तो भी छात्र को परीक्षा से रोका नहीं जाएगा, बल्कि मैनुअल वेरिफिकेशन किया जाएगा।
आज रात और कल सुबह के लिए ‘लास्ट मिनट’ चेकलिस्ट
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कल इस NEET Re Exam में बैठ रहा है, तो बिना देर किए आज रात ही इन चीजों को दुरुस्त कर लें, क्योंकि NTA के नियम बेहद सख्त हैं और जरा सी लापरवाही पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
इन दस्तावेजों को तुरंत एक पारदर्शी फाइल में रखें:
- एडमिट कार्ड (Admit Card): स्पष्ट रूप से प्रिंट किया हुआ री-एग्जाम का एडमिट कार्ड, जिस पर आपकी पासपोर्ट साइज फोटो चिपकी हो।
- सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (Undertaking): एडमिट कार्ड के साथ डाउनलोड किया गया अंडरटेकिंग फॉर्म भर लें, लेकिन इस पर हस्ताक्षर केवल परीक्षा हॉल में इनविजिलेटर के सामने ही करें。
- अतिरिक्त तस्वीरें: अटेंडेंस शीट पर चिपकाने के लिए कम से कम दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो। इसके अलावा, प्रोफार्मा पर चिपकाने के लिए एक पोस्टकार्ड साइज (4”x6”) फोटो जिसका बैकग्राउंड सफेद हो。
- मूल पहचान पत्र (Original ID Proof): आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस की असली कॉपी (फोटोकॉपी या मोबाइल में डिजिटल कॉपी मान्य नहीं होगी)。
ड्रेस कोड का NEET Re Exam में कड़ाई से पालन करें (NTA Dress Code):
- कपड़े: केवल हल्के रंग के आधे आस्तीन (Half Sleeves) वाले कपड़े पहनें。 बड़े बटन, ब्रोच, चेन या भारी कढ़ाई वाले कपड़ों की सख्त मनाही है。
- जूते-चप्पल: जूते पहनकर जाने की गलती भूलकर भी न करें。 केवल साधारण चप्पल या कम हील वाले सैंडल ही पहनें。
- गहने और धातु: लड़कियां ध्यान दें—कान की बाली, नाक की पिन, अंगूठी, गले का हार, ब्रेसलेट या कोई भी धात्विक वस्तु पहनकर न जाएं। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक (जैसे हिजाब या पगड़ी) पहनने वाले छात्रों को चेकिंग के लिए सुबह 11:00 बजे ही केंद्र पर पहुंचना होगा。
ओएमआर शीट (OMR Sheet) भरते समय न करें ये गलतियां
अक्सर देखा गया है कि हड़बड़ी में छात्र ओएमआर शीट पर गलत गोला भर देते हैं。 चूंकि NEET re exam tomorrow आपके पास खुद को साबित करने का आखिरी मौका है, इसलिए इन बातों का ध्यान रखें:
- पेन आपको परीक्षा हॉल के अंदर ही NTA द्वारा दिया जाएगा, अपना पेन न ले जाएं।
- पूरे 180 प्रश्नों को हल करने के बाद अंत में ओएमआर भरने की रणनीति न अपनाएं। हर सेक्शन (जैसे पहले बायोलॉजी, फिर केमिस्ट्री) को पूरा करने के साथ-साथ उनके गोले भरते चलें।
- प्रश्न संख्या और ओएमआर की संख्या का मिलान हर बार आंखें खोलकर करें। एक गलत गोला पूरी कतार को बिगाड़ सकता है।
संपादक की सलाह: आज रात किताबों को कहें ‘अलविदा’
एक शिक्षा विश्लेषक के नाते मेरी सभी छात्र-छात्राओं से अपील है कि आज रात 9:00 बजे के बाद अपनी किताबों और नोट्स को बंद कर दें। अब कुछ भी नया पढ़ने या किसी कठिन टॉपिक को समझने का समय नहीं है。 आपका दिमाग एक मशीन की तरह है, जिसे कल अपनी पूरी क्षमता से काम करना है। अगर आज रात आप जागकर पढ़ाई करेंगे, तो कल परीक्षा हॉल में ‘ब्रेन फॉग’ (याद आते-आते भूल जाना) की स्थिति बन सकती है।
पेट भरकर हल्का भोजन करें, परिवार के साथ सकारात्मक बातें करें और कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें。 अपने दोस्तों से फोन पर यह चर्चा बिल्कुल न करें कि उन्होंने कितना रिवीजन कर लिया है。
गेट बंद होने का समय: याद रखें, परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्टिंग सुबह 11:00 बजे से शुरू हो जाएगी और दोपहर 1:30 बजे गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। 1:31 बजे पहुँचने पर भी आपको अंदर जाने नहीं दिया जाएगा। इसलिए ट्रैफिक और मौसम का अनुमान लगाकर घर से जल्दी निकलें।
यह NEET re exam बेशक व्यवस्था की नाकामी का नतीजा है, लेकिन यह आपके हौसले को तोड़ने का जरिया नहीं बनना चाहिए। आपने पहले भी अपनी काबिलियत साबित की है, और कल आप इसे दोबारा करेंगे। बिहारस्केन की पूरी टीम की तरफ से देश और बिहार के सभी नीट अभ्यर्थियों को ढेर सारी शुभकामनाएं। विजय भव:!
Best of luck to all the NEET aspirants
Bahut hi achha post
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