पटना। बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षा विभाग के तहत 32,388 पदों पर होने वाली बहुप्रतीक्षित TRE-4.0 शिक्षक बहाली प्रक्रिया के ऑनलाइन आवेदन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत यह आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी। आयोग अब अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को शामिल करते हुए संशोधित नोटिफिकेशन और नई तिथियों का ऐलान जल्द करेगा।
गर्दनीबाग में अनशन की जीत: मानी गईं दोनों प्रमुख मांगें
इस भर्ती प्रक्रिया के टलने की मुख्य वजह छात्रों का वह एकजुट आंदोलन है जिसने सरकार को अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर डटे हजारों अभ्यर्थियों की दो सबसे बड़ी मांगें थीं:
- एकल चरण परीक्षा (Single Stage Exam): प्रारंभिक (PT) और मुख्य (Mains) परीक्षा के दोहरे चक्रव्यूह को खत्म कर एक ही चरण में पारदर्शी परीक्षा का आयोजन हो।
- वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट: मेधावी छात्रों के कई श्रेणियों में चयन से सीटें खाली रह जाती थीं। आयोग अब ‘एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ का नियम लागू करेगा ताकि किसी भी योग्य उम्मीदवार की सीट बेकार न जाए।
सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा इन दोनों मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दिए जाने के बाद छात्रों ने अपना आमरण अनशन खत्म किया। इसी बदलाव को नियमावली में दर्ज करने के लिए आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को कुछ समय के लिए होल्ड पर डाला है।
बयानबाजी, लाठीचार्ज और सड़कों पर उतरा गुस्सा
इस फैसले से पहले राजधानी पटना ने अभूतपूर्व तनाव देखा। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के नेतृत्व में जब छात्र अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास की ओर बढ़े, तो पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग किया। इस झड़प में टाउन डीएसपी समेत कई प्रदर्शनकारी छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।
आंदोलन तब और भड़क उठा जब आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का एक विवादित बयान सामने आया। छात्रों के भारी आक्रोश और विरोध के बाद अधिकारी को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी, वहीं मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया। लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों ने इनकम टैक्स चौराहे पर पुतला दहन कर ‘काला दिवस’ भी मनाया था।
हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की साख बचाने के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा।
- जांच एवं सुधार समिति: परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने और छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।
- विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विशेष शिविर: अभ्यर्थियों की किसी भी शिकायत का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा करने के लिए डेडिकेटेड पोर्टल और सहायता शिविरों की शुरुआत की गई है।
अभ्यर्थियों को आयोग की सलाह
BPSC प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द नहीं हुई है, बल्कि छात्रों के हित में सुधारों को जोड़कर नए सिरे से शुरू की जा रही है। अभ्यर्थी किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संशोधित विज्ञापन व आवेदन की नई तारीखों की पुष्टि के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही नजर बनाए रखें।