समस्तीपुर:
बिहार के समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब जल्द ही मरीजों को सरकारी के साथ-साथ निजी एंबुलेंस चुनने का भी विकल्प मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है, और जिले में निजी एंबुलेंस की मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
102 और 112 इमरजेंसी सेवा से जुड़ेंगी निजी एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत निजी एंबुलेंस को भी \’102\’ और \’112\’ जैसी इमरजेंसी सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इसके बाद आपात स्थिति में मरीजों को उनकी सुविधा के अनुसार सरकारी या निजी एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि मैपिंग के जरिए यह डेटा जुटाया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कितनी निजी एंबुलेंस उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर उनका कैसे उपयोग किया जा सकता है।
किराया होगा निर्धारित, मनमानी पर लगेगी रोक
अक्सर निजी एंबुलेंस संचालकों द्वारा मरीजों से मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी एंबुलेंस का किराया भी निर्धारित किया जाएगा, जिससे मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लग सकेगा।
इसी वर्ष के अंत तक लागू होने की योजना
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मरीजों को बेहतर और समय पर परिवहन सुविधा मिल सके। मुख्यालय के निर्देशानुसार, इस पूरी व्यवस्था को इसी वर्ष के अंत तक सुचारू रूप से धरातल पर उतारने की योजना है। इसके लिए मैपिंग, किराया निर्धारण और इमरजेंसी सेवाओं के इंटीग्रेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है।