सीतामढ़ी: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन सिंह ने सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खिलाफ एक ऐसा मोर्चा खोल दिया है, जिसने पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आनंद मोहन ने जेडीयू के भीतर चल रहे खेल को बेनकाब करते हुए सीधा आरोप लगाया है कि पार्टी में अब सिर्फ ‘थैली की राजनीति’ (मनी पावर) चल रही है।
💣 आनंद मोहन के 3 सबसे बड़े और ‘विस्फोटक’ बयान:
थैला लाओ, मंत्री पद पाओ: सीतामढ़ी में मीडिया से रूबरू होते हुए आनंद मोहन ने बिना लाग-लपेट के कहा— “आज जेडीयू में जो थैला लेकर गया, वह सरकार में मंत्री बन गया।” उनके इस बयान ने सीधे तौर पर नीतीश सरकार के मंत्रियों के चयन और पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीतीश कुमार को ‘जीते जी दफन’ किया: आनंद मोहन यहीं नहीं रुके। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना जेडीयू के कुछ शीर्ष नेताओं पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन चंद नेताओं की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “जीते जी दफन” कर दिया गया है, यानी उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री की घोर उपेक्षा: उन्होंने हाल ही में हुए शपथ ग्रहण समारोह का हवाला देते हुए कहा कि आज सरकार का सिर्फ एक ही चेहरा चमकाया जा रहा है। पोस्टरों से जेडीयू के उपमुख्यमंत्री तक की तस्वीरें गायब हैं, जो यह साफ करता है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है।
🔍 क्यों गहराया है बिहार की सियासत में सस्पेंस?
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आनंद मोहन का यह बयान कोई सामान्य बयान नहीं है। यह तीर सीधे निशाने पर लगा है।
विपक्ष को मिला बड़ा हथियार: आनंद मोहन के इस ‘थैली’ वाले बयान के बाद अब विपक्ष को जेडीयू और नीतीश सरकार को घेरने का एक बड़ा और धारदार मुद्दा मिल गया है।
जेडीयू में अंदरूनी कलह उजागर: इस बयान ने साफ कर दिया है कि जेडीयू के भीतर सत्ता और संगठन को लेकर पर्दे के पीछे एक बड़ी जंग चल रही है।
जेडीयू की चुप्पी: इस मामले पर जेडीयू के बड़े नेताओं ने फिलहाल ‘सन्नाटा’ खींच लिया है। पार्टी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पलटवार नहीं आया है, जो कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।
बड़ा सवाल: क्या आनंद मोहन का यह ‘थैली बम’ बिहार की एनडीए सरकार में किसी नए सियासी उलटफेर का संकेत है? या फिर जेडीयू के भीतर किसी बड़े विद्रोह की ये शुरुआत है?