समस्तीपुर बाल संसद चुनाव: समस्तीपुर जिले के सिंघियाखुर्द स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में मंगलवार को लोकतंत्र का एक अनोखा और आधुनिक स्वरूप देखने को मिला। विद्यालय में इस बार बाल संसद का चुनाव पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराया गया, जिसमें बच्चों ने मोबाइल के जरिए मतदान कर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।
विद्यालय परिसर में चुनाव को लेकर बच्चों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। किसी ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए प्रचार किया तो किसी ने मतदान प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता दिखाई। डिजिटल वोटिंग के जरिए बच्चों को तकनीक और लोकतंत्र दोनों की व्यवहारिक जानकारी देने की कोशिश की गई।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवेंद्र चौधरी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए शिक्षकों की एक टीम बनाई गई थी। मतदान से लेकर मतगणना तक हर चरण की निगरानी की गई। चुनाव संपन्न होने के बाद शिक्षकों ने आधिकारिक परिणाम पत्र पर हस्ताक्षर भी किए।
प्रधानमंत्री पद पर कांटे की टक्कर
बाल संसद के सबसे अहम प्रधानमंत्री पद के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। आयुष कुमार ने 92 वोट हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मानसी कुमारी को 84 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा, जिससे बच्चों में चुनाव को लेकर रोमांच बना रहा।
अलग-अलग मंत्रालयों के लिए चुने गए प्रतिनिधि
विद्यालय में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, विज्ञान, जल संरक्षण और सुरक्षा जैसे विभागों के लिए भी चुनाव कराया गया।
- शिक्षा मंत्री पद पर तरन्नुम को प्रथम स्थान मिला, जबकि समर कुमार दूसरे स्थान पर रहे।
- पुस्तकालय एवं विज्ञान मंत्री के लिए संध्या कुमारी विजेता बनीं और अरनव कुमार उपविजेता रहे।
- खेल एवं संस्कृति मंत्री पद पर हर्ष कुमार ने बाजी मारी, जबकि ज्योति कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री पद पर सोनाक्षी कुमारी ने सबसे ज्यादा 144 वोट हासिल कर रिकॉर्ड बनाया। राजहंस कुमार दूसरे स्थान पर रहे।
- जल एवं बागवानी मंत्री के लिए आरुषी कुमारी को सबसे अधिक वोट मिले।
- आपदा एवं सुरक्षा मंत्री पद पर खुशबू कुमारी ने जीत दर्ज की।
बच्चों में बढ़ेगी नेतृत्व क्षमता
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के डिजिटल चुनाव बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने में मदद करते हैं। साथ ही, मोबाइल आधारित वोटिंग से बच्चों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग की भी जानकारी मिलती है।
इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में शिक्षक हिमांशु सक्सेना, एस. राम, नूतन कुमारी, अशोक कुमार, आर.पी. रॉय, मुन्ना चौधरी, मनीष कुमार, सुजीत, एस. कुमार और निखिल समेत विद्यालय के सभी कर्मियों की अहम भूमिका रही।
विद्यालय के इस प्रयोग की इलाके में काफी चर्चा हो रही है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी डिजिटल चुनाव की इस पहल की सराहना की है।