समस्तीपुर/बिहार: देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 Re Exam को लेकर सरकार और प्रशासन के तमाम कड़े दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां दिल्ली में कल ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाई-लेवल बैठक में परीक्षा की शुचिता के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) और सशस्त्र बलों (Armed Forces) को उतारने तथा PMO की सीधी निगरानी जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा माफिया डिजिटल दुनिया का फायदा उठाकर बेखौफ घूम रहे हैं। ताजा मामला समस्तीपुर से सामने आया है, जहां कुछ जागरूक छात्रों ने इस पूरे खेल का सनसनीखेज पर्दाफाश किया है।
टेलीग्राम पर खुलेआम ₹80,000 में बिक रहा ‘भविष्य’
छात्रों द्वारा उजागर किए गए सबूतों के अनुसार, ‘RARE | Originals’ नाम के एक टेलीग्राम चैनल पर, जिसके 7,000 से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, खुलेआम नीट परीक्षा का कथित पेपर पहले ही उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। NEET UG 2026 Re Exam Paper Leak Scam का यह धंधा इतने शातिर तरीके से चल रहा है कि छात्रों को जाल में फंसाने के लिए बाकायदा लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं।
इस वायरल चैट में माफियाओं ने लिखा है:
“Last Chance To Get Re~N33T 2026 Pre Acces! Price Will Be 80,000 For This Last Slot. (You Only Need To Pay 30,000 As Advance Before Paper). Paper Same Nahi Aaya Tho Full Refund Hoga!”
यानी NEET UG 2026 Re Exam के आखिरी स्लॉट के नाम पर ₹80,000 की मांग की जा रही है और ₹30,000 एडवांस के तौर पर मांगे जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब ये ठग ‘फुल रिफंड’ की लिखित गारंटी देकर भोले-भाले छात्रों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

प्रशासन के दावों पर खड़े हुए 3 बड़े सवाल
समस्तीपुर के छात्रों की इस शिकायत और सामने आए सबूतों ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। और NEET UG 2026 Re Exam के सफल आयोजन को लेकर एक बार फिर छात्रों / अभिभावकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
- कड़ी निगरानी के बीच ये सक्रिय कैसे? जब कल ही सरकार ने घोषणा की है कि NEET UG 2026 Re Exam के प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर लॉजिस्टिक्स तक पर सेना और PMO की पैनी नजर रहेगी, तो ये ठग सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर इतने खुलेआम एक्टिव कैसे हैं?
- कानून का खौफ खत्म? सीबीआई इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, फिर भी इन साइबर अपराधियों और शिक्षा माफियाओं में कानून या जेल जाने का कोई डर नहीं बचा है, जो खुलेआम बैंक खातों या डिजिटल माध्यमों से एडवांस पैसे मांग रहे हैं।
- कार्रवाई कब होगी? 23 लाख छात्रों के भविष्य और उनकी मानसिक स्थिति से खिलवाड़ करने वाले इन टेलीग्राम चैनल्स के एडमिन और मास्टरमाइंड को पुलिस कब दबोचेगी?
छात्रों और अभिभावकों के लिए ज़रूरी सलाह
यह साफ है कि यह पूरी तरह से ठगी और धोखाधड़ी का नेटवर्क है, जो छात्रों की मजबूरी और परीक्षा के डर का फायदा उठा रहा है। पेपर लीक के नाम पर पैसे ऐंठने वाले ये गैंग सिर्फ आपका पैसा नहीं, बल्कि आपका पूरा करियर बर्बाद कर सकते हैं।
सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील है कि ऐसे किसी भी झांसे या टेलीग्राम चैनल्स के बहकावे में न आएं। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। अगर आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज या चैनल दिखाई देता है, तो उसकी जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आप सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही ये जानकारी अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को भी दें।
एक अभिभावक (Parent) के रूप में इस खबर को देखकर दिल दहल जाता है और भीतर से सिर्फ गुस्सा और चिंता निकलती है। यहाँ इस गंभीर मुद्दे पर एक अभिभावक की प्रतिक्रिया (Comment) दी गई है:
एक परेशान और आक्रोशित अभिभावक की प्रतिक्रिया:
”यह खबर देखकर एक माता-पिता होने के नाते रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हम अपने बच्चों को रात-रात भर जगाकर, अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा उनकी कोचिंग और पढ़ाई में लगाकर इस उम्मीद से पढ़ाते हैं कि वे अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर बनेंगे और देश की सेवा करेंगे। लेकिन जब ‘image.png’ जैसी तस्वीरें सामने आती हैं, जहाँ ₹30,000 और ₹80,000 में देश की सबसे बड़ी परीक्षा का सौदा हो रहा हो, तो हमारी सारी उम्मीदें टूट जाती हैं।
समझ में नहीं आता कि इतनी सख्ती, इतनी जांच और इतने दावों के बाद भी ये शिक्षा माफिया इतने बेखौफ कैसे हैं? इन्हें कानून का डर क्यों नहीं है? क्या सरकार और प्रशासन की साइबर सेल इतनी लाचार है कि टेलीग्राम पर खुलेआम चल रहे इन ठगी के ठिकानों को बंद नहीं कर पा रही?
मैं ‘बिहार स्कैन न्यूज पोर्टल’ और समस्तीपुर के उन जागरूक बच्चों का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने इस बात को सामने लाया। लेकिन मेरा प्रशासन से हाथ जोड़कर सवाल है—कब तक हमारे बच्चों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ होता रहेगा? अगर मेहनत करने वाले बच्चों को सीटें नहीं मिलेंगी और ऐसे चोर-दरवाजे से लोग डॉक्टर बनेंगे, तो इस देश के हेल्थ सिस्टम का क्या होगा?
मैं सभी अभिभावकों और बच्चों से भी अपील करता हूँ—चाहे जो हो जाए, इन अपराधियों के झांसे में न आएं। यह सिर्फ पैसों की ठगी नहीं है, हमारे बच्चों के करियर की हत्या है। पुलिस और प्रशासन को तुरंत इस टेलीग्राम चैनल चलाने वाले ‘RARE | Originals’ के पीछे के चेहरों को बेनकाब कर जेल भेजना चाहिए।”
हैशटैग्स:
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सराहना के लिए धन्यवाद! बिहारस्कैन ऐसे ही अभिभावकों एवं छात्रों को जागरूक करता रहेगा।