Prayagraj SSC GD Exam Hangama : ‘परीक्षा’ नहीं युवाओं के सब्र का इम्तिहान! लगातार दूसरे दिन भारी हंगामा, आक्रोशित छात्रों ने किया चक्का जाम

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज, जो कभी देश के कोने-कोने से आने वाले प्रतियोगी छात्रों के सपनों का गढ़ मानी जाती थी, आज लगातार दूसरे दिन रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। यहां ‘परीक्षा’ नहीं, बल्कि युवाओं के सब्र का कड़ा इम्तिहान चल रहा है। Prayagraj SSC GD Exam के दौरान लगातार दूसरे दिन जो भारी अराजकता, अव्यवस्था और बदइंतजामी देखने को मिली, उसने हजारों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। परीक्षा केंद्रों पर सर्वर की खराबी, एंट्री में भारी देरी और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।

क्षमताओं से अधिक बुलाए गए छात्र: मिसमैनेजमेंट की हद

सामने आ रही ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, Prayagraj SSC GD Exam में इस भारी अव्यवस्था के पीछे सबसे बड़ी वजह प्रशासनिक स्तर पर हुआ भयंकर मिसमैनेजमेंट रहा। परीक्षा केंद्रों की वास्तविक क्षमता (Siting Capacity) से कहीं अधिक संख्या में उम्मीदवारों को एक ही शिफ्ट में बुला लिया गया था। इसके कारण न तो सेंटर के भीतर सही से सोशल डिस्टेंसिंग या सिटिंग अरेंजमेंट हो पाया और न ही छात्रों को समय पर एंट्री मिल सकी। भीषण गर्मी के बीच हजारों छात्र सेंटर्स के बाहर लंबी लाइनों में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते रहे, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।

60 मिनट की परीक्षा सिर्फ 35 मिनट में खत्म!

हैरानी की बात तो यह रही कि जब छात्र जैसे-तैसे अपनी सीटों पर पहुंचे, तो वहां भी तकनीकी खामियों ने उनका स्वागत किया। परीक्षा शुरू होते ही सेंटर्स का मुख्य सर्वर डाउन (Server Downtime) हो गया। छात्रों का सीधा आरोप है कि सर्वर ठप होने की वजह से कई उम्मीदवारों के कंप्यूटर सिस्टम्स समय पर लॉग-इन ही नहीं हुए।

नतीजतन, जिन छात्रों को पूरा पेपर हल करने के लिए 60 मिनट मिलने चाहिए थे, उन्हें महज 35 मिनट का ही समय मिल पाया। तय समय सीमा पर कंप्यूटर स्क्रीन अचानक बंद हो गई और उनका ‘टाइम अप’ दिखा दिया गया। 1 घंटे की परीक्षा में आधा समय भी न मिलने से छात्रों की सालों की मेहनत और उनका भविष्य दांव पर लग गया है।

भड़के छात्रों का फूटा गुस्सा, परीक्षा केंद्र में तोड़फोड़ और चक्का जाम

अपनी सालों की कठिन मेहनत को तकनीकी खामी और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से आंखों के सामने बर्बाद होता देख छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। रोते-बिलखते और गुस्से से लाल अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के कुछ हिस्सों में कथित तौर पर तोड़फोड़ की और इसके बाद बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए।

[ प्रयागराज-वाराणसी मुख्य मार्ग पूरी तरह ब्लॉक ]
छात्रों की मांग:
1. आज की परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए।
2. दोबारा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित हो।
3. तकनीकी खामी के जिम्मेदार सेंटर्स को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

आक्रोशित युवाओं ने प्रयागराज-वाराणसी मुख्य मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक (चक्का जाम) कर दिया। सड़क पर बैठकर छात्र घंटों नारेबाजी करते रहे। इस हंगामे के चलते हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस और भारी पुलिस बल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही छात्र सड़क से हटने को राजी हुए।

तकनीकी खामियों का पुराना इतिहास: आखिर कब सुधरेगा सिस्टम?

Prayagraj SSC GD Exam का सर्वर क्रैश कोई पहली बार नहीं है जब देश या राज्य की किसी बड़ी ऑनलाइन परीक्षा (CBT) का सर्वर इस तरह क्रैश हुआ हो। अगर हम पिछले कुछ सालों के इतिहास पर नजर डालें, तो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली यह तकनीकी लापरवाही एक आम बात बन चुकी है:

  • NEET UG और UGC NET: हाल ही में एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी तकनीकी गड़बड़ियों और प्रशासनिक चूकों के चलते लाखों छात्रों को मानसिक तनाव झेलना पड़ा है, जिसके बाद सरकार को कई स्तरों पर बदलाव करने पड़े।
  • UP Police Bharti: पूर्व में हुई कई ऑनलाइन परीक्षाओं में भी सर्वर डाउन होने और कंप्यूटर हैक होने जैसी शिकायतें आ चुकी हैं।
  • Railway (RRB NTPC) परीक्षा: रेलवे की परीक्षाओं के दौरान भी कई बार अलग-अलग राज्यों के सेंटर्स पर सर्वर की धीमी गति के कारण छात्रों का कीमती समय बर्बाद हुआ है, जिसके बाद छात्रों ने देशव्यापी आंदोलन किए थे।

सवाल यह उठता है कि जब सरकार इन बड़ी परीक्षाओं को कराने के लिए निजी एजेंसियों को करोड़ों रुपये का टेंडर देती है, तो परीक्षा से पहले सेंटर्स के इन्फ्रास्ट्रक्चर और सर्वर की क्षमता (Load Testing) की जांच क्यों नहीं की जाती?

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: “सरकारी परीक्षा मतलब ‘सर्वाइवल मोड’!”

Prayagraj SSC GD Exam का सर्वर क्रैश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (X, फेसबुक और टेलीग्राम) पर भी युवाओं का गुस्सा और मायूसी साफ देखी जा सकती है। इंटरनेट यूजर्स अब पूरे परीक्षा सिस्टम पर तीखा तंज कस रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग मजाकिया लेकिन बेहद तीखे लहजे में कह रहे हैं कि- “भारत में अब सरकारी नौकरी की परीक्षा देना कोई नॉर्मल एग्जाम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ‘सर्वाइवल मोड इवेंट’ (जान बचाने और संघर्ष करने का खेल) बन चुका है, जहां आपको अपनी पढ़ाई से ज्यादा खराब किस्मत, लचर सिस्टम और सेंटर्स की अव्यवस्था से लड़ना पड़ता है।”

युवाओं का कहना है कि एक छात्र सालों तक कमरे में बंद होकर तैयारी करता है, फॉर्म भरने के लिए पैसे जुटाता है, दूर-दूर से सफर करके सेंटर पहुंचता है, और अंत में उसे क्या मिलता है?—”सर्वर डाउन है, अगली तारीख का इंतजार करिए।”

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