डॉक्टरों और आधुनिक विज्ञान की नजर में ‘योग के फायदे’ (Yoga Benefits)
बिहारस्कैन स्वास्थ्य डेस्क : “भारत और विश्व के प्रसिद्ध डॉक्टरों की नजर में योग के फायदे (Yoga Benefits) और उनकी राय।” जब हम आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी को देखते हैं, तो पाते हैं कि हर दूसरा इंसान किसी न किसी शारीरिक या मानसिक बीमारी से जूझ रहा है। किसी को ब्लड प्रेशर की शिकायत है, तो कोई रात भर करवटें बदलता है लेकिन उसे सुकून की नींद नहीं आती। ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि आपको अपनी दवाइयों का खर्च आधा करने या पूरी तरह स्वस्थ रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपकी 24 घंटे की दिनचर्या में से मात्र 20 मिनट ही काफी हैं, तो शायद आपको यकीन न हो।
लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और दुनिया भर के बड़े-बड़े कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और फिजिशियन अब इस बात को खुलकर स्वीकार कर रहे हैं। प्राचीन भारत की यह धरोहर अब केवल संतों या गुफाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लैबोरेट्रीज (प्रयोगशालाओं) में डॉक्टरों द्वारा परखी जा चुकी एक अचूक थेरेपी बन चुकी है। एक संपादक के नजरिए से आइए आज गहराई से समझते हैं कि जब आप रोज सुबह या शाम को सिर्फ 20 मिनट अपने योगामैट पर बिताते हैं, तो आपके शरीर के भीतर किस तरह के जादुई और वैज्ञानिक बदलाव आते हैं।
देखिए कैसे मन के भटकाव और तनाव को दूर करता है योग
नीचे दिए गए वैज्ञानिक रेखाचित्र में आप देख सकते हैं कि कैसे ध्यान और योग की मुद्रा में बैठते ही हमारे दिमाग का उलझाव और मानसिक तनाव धीरे-धीरे शांत होने लगता है।

Source: Alina Moskalenko / Getty Images
ब्लड प्रेशर (BP) नियंत्रण: धमनियों को मिलता है आराम
आधुनिक दुनिया में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) को एक ‘साइलेंट किलर’ माना जाता है। जब आप तनाव में होते हैं, तो आपकी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं और दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
जब आप रोज 20 मिनट योग करते हैं, विशेषकर जब आप ‘शवासन’ या ‘अनुलोम-विलोम’ प्राणायाम का अभ्यास करते हैं, तो डॉक्टरों के मुताबिक आपके शरीर का पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) सक्रिय हो जाता है। यह सिस्टम शरीर को शांत करने का काम करता है।
- वैज्ञानिक बदलाव: एआईआईएमएस (AIIMS) के डॉक्टरों की कई रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि मात्र कुछ हफ्तों के नियमित योग से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन यानी ‘कोर्टिसोल’ का स्तर तेजी से गिरता है।
- असर: इसके परिणामस्वरूप धमनियां चौड़ी होती हैं, रक्त का प्रवाह सुचारू होता है और सिस्टोलिक व डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में उल्लेखनीय कमी आती है। जो लोग नियमित 20 मिनट अभ्यास करते हैं, उनमें दिल के दौरे (Heart Attack) का जोखिम 30% तक कम हो जाता है।
तनाव और एंग्जायटी से मुक्ति: दिमाग में हैप्पी हार्मोन्स का स्राव
आज के युवाओं में ‘बर्नआउट’ और एंग्जायटी एक बड़ी महामारी बन चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि जब हम लगातार स्क्रीन के सामने बैठते हैं या काम के दबाव में होते हैं, तो हमारा दिमाग ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में रहता है।
20 मिनट का योग (Yoga Benefits) आपके मस्तिष्क की तरंगों (Brain Waves) को बदल देता है। जब आप गहरी सांसें लेते हैं और किसी आसन में स्थिर होते हैं, तो मस्तिष्क में GABA (गामा-अमीनोब्यूट्रिक एसिड) नाम का एक न्यूरोट्रांसमीटर बढ़ता है। यह एसिड दिमाग को शांत रखने और चिंता को कम करने के लिए जिम्मेदार होता है। इसके साथ ही एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे ‘हैप्पी हार्मोन्स’ रिलीज होते हैं, जो आपके मूड को तुरंत बेहतर कर देते हैं। डॉक्टरों की राय में, अवसाद (Depression) के मरीजों के लिए यह बिना किसी साइड इफेक्ट वाली एक प्राकृतिक थेरेपी है।
बेहतर और गहरी नींद: अनिद्रा की बीमारी का अंत
क्या आप भी रात में 12 बजे बिस्तर पर जाते हैं लेकिन नींद रात के 2 बजे तक नहीं आती? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के एक शोध के अनुसार, अनिद्रा (Insomnia) से पीड़ित जिन लोगों ने रोज केवल 20 मिनट योग का अभ्यास करना शुरू किया, उनकी नींद की गुणवत्ता में 80% तक सुधार देखा गया।
डॉक्टरों का गणित: योग हमारे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी यानी सार्केडियन रिदम (Circadian Rhythm) को ठीक करता है। शाम के समय या सोने से पहले किए जाने वाले हल्के आसन (जैसे पश्चिमोत्तानासन या सुप्त बद्ध कोणासन) शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव और थकान को दूर करते हैं। इससे शरीर में ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन का स्राव सही समय पर होता है, जो हमें गहरी और शांतिपूर्ण नींद की आगोश में ले जाता है। गहरी नींद आने से सुबह उठने पर शरीर में एक नई ऊर्जा का अहसास होता है।
वजन नियंत्रण और मेटाबॉलिज्म में सुधार
अक्सर लोग सोचते हैं कि वजन घटाने के लिए केवल भारी वजन उठाना या ट्रेडमिल पर दौड़ना ही जरूरी है। लेकिन डॉक्टरों की राय यहां थोड़ी अलग है। वजन बढ़ने का एक बहुत बड़ा कारण होता है— तनाव के कारण होने वाली इमोशनल ईटिंग (Emotional Eating) यानी बिना भूख के भी कुछ न कुछ खाते रहना।
1.स्ट्रेस हार्मोन की कमी:हार्मोनल संतुलन.
योग करने से कोर्टिसोल का स्तर घटता है, जिससे पेट के आसपास चर्बी (Visceral Fat) जमा होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
2.मेटाबॉलिज्म का बढ़ना:थायराइड ग्रंथि का एक्टिवेशन.
‘सर्वांगासन’ या ‘उष्ट्रासन’ जैसे आसनों से गले में मौजूद थायराइड ग्रंथि उत्तेजित होती है, जिससे हमारा थायराइड हार्मोन संतुलित होता है और सुस्त पड़ा मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है।
3.माइंडफुल ईटिंग:जागरूकता में वृद्धि.
योग आपके भीतर आत्म-जागरूकता बढ़ाता है। आप जंक फूड और सेहतमंद खाने के बीच अंतर समझने लगते हैं और बेवजह की क्रेविंग (खाने की इच्छा) पर लगाम लग जाती है, जिससे वजन प्राकृतिक रूप से नियंत्रित होता है।
इम्युनिटी और आंतरिक अंगों की सर्विसिंग
प्रसिद्ध डॉक्टरों का मानना है कि योग हमारे शरीर के भीतर मौजूद लिम्फैटिक सिस्टम (Lymphatic System) को उत्तेजित करता है। यह सिस्टम हमारे शरीर से टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने और संक्रामक बीमारियों से लड़ने के लिए जिम्मेदार होता है।
जब आप कपालभांति या विभिन्न ट्विस्टिंग आसन (जैसे अर्ध मत्स्येंद्रासन) करते हैं, तो आपके पेट के आंतरिक अंगों जैसे लिवर, किडनी और पैनक्रियाज की एक तरह से ‘मसाज’ होती है। इससे इन अंगों में ताजे ऑक्सीजन युक्त खून की सप्लाई बढ़ती है, जिससे पाचन तंत्र सुधरता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कई गुना मजबूत हो जाती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंसुलिन के स्राव को बेहतर करने का सबसे कारगर तरीका है।
एक नजर में समझें: 20 मिनट के योग का शारीरिक गणित
नीचे दी गई तालिका से समझिए कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर योग के फायदे किस तरह काम करते हैं:
| शरीर का अंग | 20 मिनट के अभ्यास का असर | डॉक्टरों की मुख्य टिप्पणी |
| मस्तिष्क (Brain) | GABA और हैप्पी हार्मोन्स में वृद्धि | मानसिक तनाव, गुस्सा और डिप्रेशन कम होता है। |
| हृदय (Heart) | धमनियों का लचीलापन और बीपी सामान्य | दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बेहद कम। |
| फेफड़े (Lungs) | ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता (VO2 Max) में सुधार | दमा और सांस की बीमारियों में अत्यधिक राहत। |
| रीढ़ की हड्डी (Spine) | फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर में सुधार | वर्क-फ्रॉम-होम के कारण होने वाले पीठ और गर्दन के दर्द से मुक्ति। |
बिहारस्कैन एडिटर टेक: महंगी दवाइयों से बेहतर है 20 मिनट का यह ‘इन्वेस्टमेंट’
2026 के इस दौर में, जहां हमारी जीवनशैली पूरी तरह से कुर्सियों, लैपटॉप स्क्रीन और फास्ट फूड पर निर्भर हो चुकी है, वहां बीमार होना बहुत आसान और सस्ता नहीं रह गया है। एक बार अस्पताल के चक्कर शुरू होने पर न केवल गाढ़ी कमाई बर्बाद होती है, बल्कि पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट जाता है।
ऐसे में बिहारस्केन की संपादकीय टीम का यह मानना है कि डॉक्टरों की इस राय को हमें हल्के में नहीं लेना चाहिए। योग किसी धर्म विशेष का एजेंडा नहीं है, बल्कि यह मानव शरीर को सुचारू रूप से चलाने का एक शुद्ध विज्ञान है। मुंगेर के योग विश्वविद्यालय ने दुनिया को यही सिखाया है कि सहज जीवन कैसे जिया जाए। रोज सुबह उठकर व्हाट्सएप और रील्स स्क्रॉल करने के जो 20 मिनट आप बर्बाद करते हैं, बस वही समय अपने शरीर को दे दीजिए। यह आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन और मुनाफे वाला इन्वेस्टमेंट साबित होगा।
क्या आप भी अपनी सेहत को सुधारने के लिए कल से इस 20 मिनट के चैलेंज को शुरू करने के लिए तैयार हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय और सेहत से जुड़ी समस्याएं हमारे साथ जरूर साझा करें।
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