बिहार की सियासत में एक बार फिर किसी बड़े उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बागी तेवर वाले विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बार फिर अपने एक तीखे बयान से सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में दावा किया है कि बिहार में एक बार फिर ‘खेला’ होने वाला है, और इसके लिए लोगों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए। उनके इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
MLC चुनाव के नतीजों के बाद भाई वीरेंद्र का बड़ा दावा
बिहार में हालिया MLC चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है। जेडीयू (JDU) प्रत्याशियों की हार और पार्टी के भीतर घमासान को लेकर जब मीडिया ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र से सवाल किया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “थोड़ा इंतजार कीजिए, बिहार में फिर खेला होगा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार का जिक्र करते हुए यह तक कह दिया कि MLC चुनाव में किसने अंदरखाने खेल किया है, यह अब किसी से छुपा नहीं है। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी बड़े राजनीतिक फेरबदल की तारीख या समीकरण का खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके संकेतों ने सियासी सरगर्मी जरूर बढ़ा दी है।
मनेर एनकाउंटर और फर्जी मुकदमों पर सरकार को घेरा
सिर्फ सियासी उलटफेर ही नहीं, भाई वीरेंद्र ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा। पटना के मनेर में हाल ही में हुए पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि बिहार में खास तौर पर एक समुदाय विशेष (मुस्लिम और यादव) को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने पुलिस मुठभेड़ों की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य में निर्दोष लोगों को जबरन झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है, और जेल जाने के बाद उन्हें आसानी से जमानत तक नहीं मिल पा रही है, जिससे आम जनता में डर का माहौल है।
क्या सच में होने वाला है कोई बड़ा सियासी बदलाव?
भाई वीरेंद्र के इस ‘खेला होगा’ वाले बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जेडीयू के भीतर मचे आंतरिक कलह और विपक्ष के लगातार तीखे हमलों के बीच उनके इस बयान को भविष्य के बड़े राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल, आधिकारिक तौर पर सत्ता परिवर्तन या नए गठबंधन को लेकर कोई पुख्ता बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भाई वीरेंद्र के इस विस्फोटक बयान ने पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत क्या नया मोड़ लेती है।