पटना/कानपुर:
अक्सर घरों में अचानक आने वाला हाई-वोल्टेज या बिजली का ओवरलोड हमारे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे- एसी, फ्रिज, गीजर और वॉशिंग मशीन) के लिए किसी आफत से कम नहीं होता। एक झटके में हजारों-लाखों के उपकरण फुंक जाते हैं और सिर पर भारी-भरकम रिपेयरिंग का खर्च आ जाता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के शोधकर्ताओं ने इस परेशानी का एक शानदार और आधुनिक तोड़ निकाल लिया है।
आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और शोधार्थी ऋतिक राजपूत ने मिलकर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर आधारित एक ऐसा ‘स्मार्ट पावर प्लग’ विकसित किया है, जिसे हाल ही में आधिकारिक भारतीय पेटेंट भी मिल चुका है। आइए जानते हैं कि यह चमत्कारी डिवाइस कैसे आपके घरों को और उपकरणों को महफूज रखेगा।
साधारण एमसीबी से कहीं ज्यादा एडवांस है यह डिवाइस
आप सोच रहे होंगे कि घर में तो पहले से ही MCB (महानिर्देशक सर्किट ब्रेकर) लगी होती है, फिर इसकी क्या जरूरत है? तो आपको बता दें कि यह स्मार्ट प्लग सामान्य एमसीबी के मुकाबले कई गुना ज्यादा स्मार्ट और आधुनिक है।
- वोल्टेज फ्लक्चुएशन से सुरक्षा: जहां साधारण एमसीबी केवल शॉर्ट सर्किट या ओवरलोड होने पर ट्रिप होती है, वहीं यह स्मार्ट प्लग बिजली में जरा सा भी असामान्य उतार-चढ़ाव या वोल्टेज स्पाइक आते ही तुरंत भांप लेता है। यह सेकेंड के हजारवें हिस्से में बिजली की आपूर्ति स्वतः बंद कर देता है, जिससे आपके महंगे गैजेट्स सुरक्षित बच जाते हैं।
- तुरंत मोबाइल पर अलर्ट: बिजली कटने या ट्रिप होने का कारण क्या है, इसकी जानकारी तुरंत एक नोटिफिकेशन या अलर्ट के रूप में यूजर के स्मार्टफोन पर पहुंच जाती है।
मोबाइल ऐप से होगी बिजली की खपत कंट्रोल
इस डिवाइस की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘स्मार्ट लोड मैनेजमेंट’ फीचर है। मोबाइल ऐप के जरिए घर का मालिक या संस्थान का मुखिया अपने यहां बिजली खपत की अधिकतम सीमा (जैसे 3 किलोवाट या 5 किलोवाट) तय कर सकता है।
यदि घर में एक साथ कई भारी उपकरण चल रहे हैं और तय सीमा पार होने लगती है, तो यह सिस्टम प्राथमिकता के आधार पर किसी एक कम जरूरी उपकरण को स्वतः बंद कर देगा। जैसे ही लोड सामान्य होगा, वह उसे दोबारा चालू भी कर देगा। वाई-फाई तकनीक पर काम करने वाला यह प्लग 230 वोल्ट एसी सिंगल फेज पर 3.3 किलोवाट तक का भारी लोड आसानी से संभाल सकता है। सबसे मजेदार बात यह है कि खुद इस डिवाइस की अपनी बिजली की खपत 1 वॉट से भी बेहद कम है।
सिर्फ घर ही नहीं, दफ्तरों और उद्योगों के लिए भी वरदान
यह स्मार्ट प्लग केवल आम आदमी के घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक भवनों, वेयरहाउस, कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में ऊर्जा प्रबंधन (Energy Management) के लिए बेहद क्रांतिकारी साबित होने वाला है।
इसकी मदद से आप शहर से बाहर या दफ्तर में बैठकर भी इंटरनेट के जरिए अपने घर के उपकरणों को मोबाइल ऐप से कंट्रोल कर सकते हैं। शोधकर्ताओं की भविष्य की योजना इस तकनीक को और ज्यादा एडवांस बनाकर सीधे स्विचबोर्ड या दीवार के सॉकेट में एकीकृत (integrate) करने की है, ताकि अलग से स्मार्ट प्लग लगाने की जरूरत ही न पड़े। टेक्नोलॉजी की यह अनोखी पहल आम लोगों की जिंदगी को और अधिक आसान और सुरक्षित बनाने जा रही है।