मुजफ्फरपुर/पटना:
बिहार में सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा विभाग ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसकी तारीफ हर तरफ हो रही है। ‘कहने से पहले करने’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए बिजली विभाग ने तय किया है कि जनता को प्रेरित करने से पहले अधिकारी खुद अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाएंगे। ऊर्जा विभाग के सीएमडी अजय यादव के सख्त और स्पष्ट निर्देशों के बाद इस मुहिम ने पूरे राज्य में तेजी पकड़ ली है। इस बदलाव की सबसे पहली और दमदार शुरुआत मुजफ्फरपुर बिजली सर्किल से हुई है, जिसने पूरे सूबे के लिए एक मिसाल कायम कर दी है।
धनतेरस पर अधीक्षण अभियंता ने की शुरुआत
इस अनूठी मुहिम की शुरुआत मुजफ्फरपुर के विद्युत अधीक्षण अभियंता (SE) पंकज राजेश ने खुद आगे बढ़कर की। धनतेरस के पावन अवसर पर उन्होंने अपने सरकारी आवास पर सोलर यूनिट स्थापित करवा ली। उनके इस कदम के बाद विभाग के बाकी अधिकारियों में भी सकारात्मक संदेश गया।
पंकज राजेश के नेतृत्व में हुई एक अहम बैठक में जिले के तमाम कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers), सहायक अभियंताओं, कनीय अभियंताओं और अन्य तकनीकी कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक में श्रवण ठाकुर, किशोर सिंह, पंकज कुमार, मनोज जायसवाल और मो. साजिद हुसैन जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी ने एक सुर में स्वेच्छा से अपने-अपने घरों पर जल्द से जल्द सोलर प्लांट लगवाने का संकल्प लिया।
जनता के बीच जाएगा एक मजबूत और सकारात्मक संदेश
बिजली विभाग का साफ मानना है कि जब तक अधिकारी खुद किसी योजना को अपने जीवन में नहीं उतारेंगे, तब तक आम जनता को इसके लिए प्रेरित करना बेमानी है। जब अधिकारी खुद सौर ऊर्जा अपनाएंगे, तो समाज में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश जाएगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शुरू की गई इस जमीनी पहल से न केवल सरकारी परिसरों और आवासों में हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के आम नागरिकों में भी सोलर सिस्टम लगवाने को लेकर रुझान तेजी से बढ़ेगा। जानकारों का मानना है कि इस तरह की पहलों से राज्य की बिजली व्यवस्था आने वाले समय में और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगी।