समस्तीपुर सदर अस्पताल में बड़ी पहल (Samastipur Sadar Hospital Colposcopy) : अब कॉल्पोस्कोपी मशीन से होगी गर्भाशय कैंसर की मुफ्त जांच, हजारों की बचत

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिला वासियों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। समस्तीपुर सदर अस्पताल में अब अत्याधुनिक कॉल्पोस्कोपी (Samastipur Sadar Hospital Colposcopy) मशीन से गर्भाशय के कैंसर की जांच की सुविधा आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि जो जटिल जांच निजी क्लीनिकों और बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों में हजारों रुपये में होती है, वह अब सदर अस्पताल में महिलाओं के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क (Free) उपलब्ध होगी।

3 साल पुरानी व्यवस्था हुई और भी आधुनिक

अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में पिछले तीन सालों से गर्भाशय के कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग) की जा रही थी। हालांकि, पहले की पारंपरिक पद्धतियों की तुलना में अब इस नई कॉल्पोस्कोपी मशीन के आ जाने से जांच का स्तर बेहद आधुनिक, सटीक और विश्वसनीय हो गया है।

कैसे काम करती है यह मशीन?

इस आधुनिक मशीन की मदद से गर्भाशय के मुंह (Cervix) में होने वाले शुरुआती बदलावों और संदिग्ध कोशिकाओं (Cancerous Cells) की पहचान बेहद आसानी और बारीकी से की जा सकती है। इससे कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ना मुमकिन होगा, जिससे वक्त रहते इलाज शुरू किया जा सके।

डॉ. साक्षी झा और स्टाफ नर्स पल्लवी ने की पहली सफल जांच

इस अत्याधुनिक मशीन के उद्घाटन के अवसर पर अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. साक्षी झा की देखरेख में पहली जांच सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस दौरान पूरी प्रक्रिया में स्टाफ नर्स पल्लवी कुमारी ने मुख्य रूप से सहयोग किया। अस्पताल में इस विश्वस्तरीय सुविधा के शुरू होने से पहले ही दिन महिला मरीजों में काफी उत्साह और संतोष देखा गया।

चिकित्सक की विशेष सलाह: 30 से 65 वर्ष की महिलाएं न बरतें लापरवाही

पहली जांच के बाद बातचीत करते हुए डॉ. साक्षी झा ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपील की। उन्होंने कहा:

“आज के समय में महिलाओं में स्तन कैंसर और गर्भाशय के मुंह का कैंसर (Cervical Cancer) तेजी से पैर पसार रहा है। 30 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की हर महिला को साल में एक बार या डॉक्टर की सलाह पर यह जांच अवश्य करानी चाहिए। समय पर जांच होने से संदिग्ध मरीजों की पहचान शुरुआती चरण में ही हो जाती है, जिससे कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है और मरीज की जान बचाई जा सकती है।”

गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगी बड़ी राहत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भाशय के मुंह का कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका अगर समय रहते (शुरुआती दौर में) पता चल जाए, तो इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। Samastipur Sadar Hospital Colposcopy सुविधा शुरू होने से अब गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को बड़े शहरों या महंगे प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके हजारों रुपये की बचत होगी। अस्पताल प्रशासन ने क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं से इस नि:शुल्क सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

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