NEET UG 2026: पेपर लीक के बाद एक्शन में सरकार; राजनाथ सिंह के घर बड़ी बैठक, अब सेना की निगरानी में होगी परीक्षा!

नई दिल्ली, 28 मई 2026: बीते 3 मई को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के रद्द होने के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी आक्रोश ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। 23 लाख छात्रों के भविष्य और देश की साख पर आए इस संकट के बीच, आज मोदी सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर एक बेहद संवेदनशील और हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई गई, जिसका एकमात्र एजेंडा था—21 जून 2026 को होने वाले NEET UG 2026 Re-Exam Security को अभेद्य (लोहे की दीवार जैसा) बनाना।

लगभग 40 मिनट तक चली इस तूफानी बैठक में देश के टॉप कैबिनेट मंत्रियों और प्रशासनिक प्रमुखों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस बात पर माथापच्ची हुई कि आगामी परीक्षा में चूक की एक प्रतिशत भी गुंजाइश न बचे।

NEET-UG 2026 Re-Exam Security High Level Meeting Delhi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर NEET-UG 2026 री-एग्जाम की सुरक्षा को लेकर हुई हाई-लेवल बैठक की सांकेतिक तस्वीर।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

इस आपातकालीन समीक्षा बैठक की कमान खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संभाली। उनके साथ इस रणनीतिक बैठक में शामिल थे:

  • धर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय शिक्षा मंत्री
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया: केंद्रीय संचार मंत्री
  • अभिषेक सिंह: महानिदेशक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)
  • वरिष्ठ अधिकारी: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और शिक्षा मंत्रालय के टॉप ब्यूरोक्रैट्स।

4 बड़े फैसले: लीक प्रूफ होगी 21 जून की परीक्षा

इस 40 मिनट की बैठक में जो फैसले लिए गए, वे भारतीय परीक्षा इतिहास में शायद पहली बार देखने को मिल रहे हैं। सरकार अब किसी भी कीमत पर छात्रों का भरोसा टूटने नहीं देना चाहती।

1. सेना संभालेगी कमान (Military Logistics Proposal)

पेपर लीक के माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए सरकार एक अभूतपूर्व प्रस्ताव पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक NEET UG 2026 Re-Exam के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) और भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली जा सकती है। अगर यह प्रस्ताव फाइनल होता है, तो पेपर सेना की कड़ी सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के साए में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे, जहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।

2. PMO की ‘एंड-टू-एंड’ पैनी नजर

इस बार पूरी परीक्षा प्रणाली की रीढ़ की हड्डी पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का सीधा नियंत्रण होगा। NEET UG 2026 Re-Exam के प्रश्नपत्र सेट होने, प्रिंटिंग प्रेस से निकलने, उनके ट्रांसपोर्टेशन और अंतिम रूप से परीक्षा केंद्र के कमरे तक पहुंचने तक के पूरे सफर की ट्रैकिंग खुद PMO के अधिकारी करेंगे।

3. खुद प्रधानमंत्री मोदी रख रहे हैं सीधा ध्यान

छात्रों के गुस्से और विपक्ष के हमलों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले को पर्सनली मॉनिटर कर रहे हैं। उन्हें इस हाई-लेवल मीटिंग के हर अपडेट की सीधी रिपोर्ट भेजी जा रही है। पीएम का साफ निर्देश है कि इस बार ‘जीरो एडमिनिस्ट्रेटिव लैप्स’ (शून्य प्रशासनिक चूक) होनी चाहिए।

4. NTA का ‘जीरो-ट्रस्ट’ प्रोटोकॉल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार “Zero-Trust, Always Inspect” (किसी पर भरोसा मत करो, हमेशा जांचो) की सख्त पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसके तहत परीक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े कर्मचारी, सेंटर और लॉजिस्टिक्स की कई स्तरों पर कड़ी चेकिंग होगी।

23 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल

3 मई को हुई पहली परीक्षा के कथित पेपर लीक ने लाखों परिवारों को मानसिक तनाव में डाल दिया था। अब सरकार के इन कड़े कदमों का मकसद केवल परीक्षा (NEET UG 2026 Re-Exam) कराना नहीं, बल्कि देश के 23 लाख छात्रों के खोए हुए भरोसे को वापस जीतना है। देखना होगा कि 21 जून को होने वाली यह परीक्षा कितनी पारदर्शी रहती है, लेकिन आज की बैठक ने यह साफ कर दिया है कि सरकार अब किसी भी कोताही के मूड में नहीं है।

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