जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का हल्लाबोल: चेहरे पर मास्क, हाथ में संविधान… NEET UG पेपर लीक पर बिफरी Gen Z

नई दिल्ली/पटना (बिहारस्कैन ब्यूरो): जब पानी सिर से ऊपर चला जाए, तो विरोध के तरीके भी बदल जाते हैं। दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर वैसे तो रोज़ ही किसी न किसी आंदोलन का गवाह बनता है, लेकिन आज यहाँ जो कुछ भी हुआ, उसने सबको चौंका दिया। NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं, खासकर ‘जेन-जी’ (Gen Z) का गुस्सा अब सिर्फ सोशल मीडिया के मीम्स, रील्स और हैशटैग तक सीमित नहीं रहा। यह गुस्सा अब रेंगता हुआ, चेहरे पर ‘कॉकरोच’ का मास्क लगाए सीधे सड़क पर उतर आया है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के अनोखे और बेहद व्यंग्यात्मक (satirical) बैनर तले सैकड़ों छात्र और युवा दिल्ली की तपती सड़क पर NEET UG पेपर लीक के खिलाफ इकट्ठा हुए। उनका सीधा निशाना था देश का लचर परीक्षा सिस्टम और उनकी मांग थी—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

सोशल मीडिया से सड़क तक: “हम कॉकरोच हैं, जो हर गंदगी में बच जाते हैं”

प्रदर्शन में शामिल युवाओं का यह अंदाज सोशल मीडिया के किसी वायरल ट्रेंड जैसा था, लेकिन इसके पीछे का दर्द बेहद गहरा था। आंदोलनकारियों के चेहरों पर कॉकरोच वाले अजीबोगरीब मास्क थे। जब बिहारस्कैन की टीम ने उनसे इस अनोखे गेटअप की वजह पूछी, तो एक छात्र ने बेहद संजीदगी से कहा:

“इस सिस्टम ने हमें कॉकरोच समझ लिया है। चाहे जितनी गंदगी (NEET UG पेपर लीक और भ्रष्टाचार) फैला लो, उन्हें लगता है कि हम छात्र चुपचाप सह लेंगे और कीड़े-मकौड़ों की तरह इसी गंदगी में जी लेंगे। आज हम सोशल मीडिया के ट्रेंड से आगे बढ़कर सड़क पर आए हैं यह बताने कि अब और नहीं।”

सड़कों पर गूंजता नारा “सोशल मीडिया ट्रेंड से आगे बढ़कर, कॉकरोच अब सड़क पर” सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन की नींद उड़ाने के लिए काफी था।

एक हाथ में अंबेडकर की तस्वीर, दूसरे में संविधान का पोस्टर

इस पूरे प्रदर्शन की सबसे खूबसूरत और गंभीर बात यह थी कि युवा भले ही एक अनोखे रूप में आए थे, लेकिन उनका आधार पूरी तरह लोकतांत्रिक था। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें थीं और वे गर्व से देश के संविधान के पोस्टर्स लहरा रहे थे।

NEET UG पेपर लीक : जंतर-मंतर पर छात्रों का आक्रोश (सांकेतिक चित्र). Source: The India Today Group
जंतर-मंतर पर छात्रों का आक्रोश (सांकेतिक चित्र). Source: The India Today Group

युवाओं का कहना था कि देश का संविधान उन्हें शिक्षा और समानता का अधिकार देता है, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक (NEET UG पेपर लीक) उनके इन मौलिक अधिकारों पर डाका डाल रहे हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा का लीक होना नहीं है, बल्कि देश के लाखों होनहार बच्चों के सपनों की सरेआम हत्या है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े छात्र

NEET UG परीक्षा में हुई धांधली और NEET UG पेपर लीक के पुख्ता सबूत सामने आने के बाद से ही छात्रों का गुस्सा उफान पर है। जंतर-मंतर पर जुटे इन युवाओं ने साफ कर दिया है कि उन्हें अब जांच कमेटियों के खोखले आश्वासनों पर भरोसा नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्रों का आरोप है कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए, क्योंकि वे देश के करोड़ों छात्रों का भरोसा खो चुके हैं।

बिहारस्कैन की बात: क्यों जरूरी है युवाओं की यह आवाज?

बिहार से लेकर दिल्ली तक, NEET परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चे और उनके माता-पिता अपनी दिन-रात की कमाई लगा देते हैं। ऐसे में जब परीक्षा से ठीक पहले या बाद में पेपर लीक की खबरें आती हैं, तो टूटता सिर्फ एक छात्र नहीं, बल्कि पूरा परिवार है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का यह प्रदर्शन देश के नीति-नियंताओं के लिए एक कड़ा संदेश है। आज का युवा जागरूक है। वह रील बनाना भी जानता है और हक के लिए सड़क पर उतरकर व्यवस्था को आईना दिखाना भी जानता है। अब देखना यह है कि जंतर-मंतर से उठी यह ‘कॉकरोच क्रांति’ सरकार के कानों तक पहुंचती है या हर बार की तरह इस बार भी मामले को फाइलों में दबा दिया जाएगा।

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