पटना/बिहार स्कैन
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बॉर्डर एरिया रक्सौल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आकर भारतीय मोबाइल नंबरों के व्हाट्सएप ओटीपी (OTP) साझा करने के आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से खुफिया महकमे में हड़कंप मच गया है।
संयुक्त टीम ने मारा छापा, दो गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रक्सौल के नागा रोड निवासी आदित्य पांडेय और मधुबनी जिले के हरलाखी निवासी राजा कुमार के रूप में हुई है। यह पूरी कार्रवाई बिहार एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई (DIU) और आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गुप्त इनपुट के आधार पर की है।
साइबर ठगी से जुड़े एक मामले (कांड संख्या 01/2026) की जांच के दौरान यह सफलता हाथ लगी। छापेमारी के दौरान कुल छह युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया था, जिनसे लंबी पूछताछ के बाद इन दोनों की संलिप्तता पुख्ता होने पर इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
10 हजार रुपये के लालच में बना दिया पाकिस्तानी एजेंट का मोहरा
पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद डरावने हैं। मुख्य आरोपी राजा कुमार ऑनलाइन गेम खेलता था, इसी दौरान उसकी जान-पहचान व्हाट्सएप के जरिए एक पाकिस्तानी लड़की से हो गई। उस पाकिस्तानी हैंडलर ने राजा को अपना व्हाट्सएप अकाउंट भारत के नंबर से लॉगिन कराने के एवज में 10 हजार रुपये देने का झांसा दिया था।
चंद रुपयों के लालच में आकर राजा अपना ईमान बेच बैठा। उसने न सिर्फ अपना ओटीपी शेयर किया, बल्कि अपने दूसरे दोस्तों को भी पैसों का लालच देकर उनके मोबाइल नंबरों से जुड़े व्हाट्सएप ओटीपी भी उस पाकिस्तानी एजेंट तक पहुँचा दिए।
राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और साइबर ठगी का अंदेशा
जांच एजेंसियों को गहरी शंका है कि इन भारतीय नंबरों पर सक्रिय हुए व्हाट्सएप खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर ठगी, जासूसी या अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। फिलहाल, आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है और इस खतरनाक नेटवर्क के तार देश के किन-किन हिस्सों से जुड़े हैं, इसकी गहराई से छानबीन की जा रही है।