समस्तीपुर नगर निगम में सियासी हलचल तेज, पहली बार वोटिंग से चुनी जाएगी सशक्त स्थायी समिति

समस्तीपुर नगर निगम की सबसे प्रभावशाली मानी जाने वाली सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। इस बार 30 मई को सात सदस्यों का चुनाव मतदान के जरिए कराया जाएगा। खास बात यह है कि नगर निगम के इतिहास में पहली बार इस समिति के सदस्यों का चयन वोटिंग के आधार पर होगा।

अब तक इन सदस्यों का चयन सीधे मेयर द्वारा मनोनीत कर किया जाता था, लेकिन बदले नियमों के बाद निगम की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।

30 मई को होगा मतदान

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह जिलाधिकारी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 30 मई को सदर अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

निर्वाचन प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसमें नामांकन, मतदान और विजयी उम्मीदवारों का शपथ ग्रहण भी शामिल रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी 47 वार्ड पार्षदों की समय पर उपस्थिति अनिवार्य होगी।

निर्धारित समय के एक घंटे के भीतर उपस्थित नहीं होने वाले पार्षदों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पहली बार बदला चुनाव का पूरा गणित

समस्तीपुर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति कुल 9 सदस्यों की होती है। इसमें मेयर पीठासीन पदाधिकारी और उपमहापौर पदेन सदस्य होते हैं। बाकी सात सदस्यों का चयन अब पार्षदों के वोट से किया जाएगा।

इस बदलाव के बाद समस्तीपुर नगर निगम के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक पार्षद चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। ऐसे में मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है।

निगम के भीतर खेमेबाजी भी साफ दिखाई देने लगी है। अलग-अलग गुट अपने समर्थक पार्षदों को साथ जोड़ने में लगे हुए हैं। चुनाव को लेकर लगातार बैठकों और रणनीति बनाने का दौर जारी है।

गुप्त मतदान और वीडियोग्राफी की व्यवस्था

प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। मतदान पूरी तरह गुप्त तरीके से कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी।

अधिकारियों के मुताबिक, मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी और सबसे ज्यादा वोट पाने वाले सात उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर उसी दिन शपथ दिलाई जाएगी।

इसके अलावा मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पार्षद को सभागार से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।

क्यों अहम है सशक्त स्थायी समिति?

बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत गठित यह समिति समस्तीपुर नगर निगम की सबसे ताकतवर कार्यकारी इकाई मानी जाती है। इसे नगर सरकार की ‘कैबिनेट’ भी कहा जाता है।

यह समिति नगर निगम के वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों में अहम भूमिका निभाती है। शहर के विकास कार्यों, सड़क निर्माण, जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बड़े टेंडरों को मंजूरी देने का अधिकार इसी समिति के पास होता है।

इसके अलावा समस्तीपुर नगर निगम के बजट, टैक्स निर्धारण और कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा भी यही समिति करती है। हर महीने कम से कम एक बैठक आयोजित कर शहर के विकास और प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा की जाती है।

चुनाव को लेकर बढ़ी उत्सुकता

समस्तीपुर नगर निगम के इतिहास में पहली बार हो रहे इस चुनाव को लेकर पार्षदों के साथ-साथ शहर के लोगों की नजरें भी टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे आने वाले समय में निगम की अंदरूनी राजनीति और विकास योजनाओं की दिशा तय कर सकते हैं।

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