समस्तीपुर के वीमेंस कॉलेज (Womens College Samastipur) में मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं ने पोस्टर मेकिंग, कविता पाठ, भाषण और नुक्कड़ नाटक के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज और युवाओं को जागरूक किया।
मानसिक स्वास्थ्य है सर्वांगीण विकास का आधार
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस दौरान प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की नींव है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि पढ़ाई के भारी दबाव और तनाव के बीच अपने मानसिक संतुलन का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजन युवाओं में पॉजिटिव सोच और आत्मविश्वास जगाने का काम करते हैं।
पढ़ाई का तनाव और उससे निपटने के उपाय
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कविता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति खुलकर बात करना और जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर हमारे व्यवहार और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य शिक्षकों ने छात्रों के तनाव को कम करने के लिए कई अहम सलाह दीं:
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डॉ. सोनल कुमारी ने कहा कि आज की गलाकाट प्रतियोगिता और भविष्य की चिंता के कारण स्टूडेंट्स में डिप्रेशन और एंग्जायटी बढ़ रही है, जिसे अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक सोच से हराया जा सकता है।
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डॉ. सोनी सलोनी ने सलाह दी कि मानसिक परेशानी होने पर उसे अपने अंदर घुटने न दें, बल्कि परिवार, दोस्तों या काउंसलर से खुलकर शेयर करें।
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डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने योग, ध्यान (Meditation) और सकारात्मक चिंतन को मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे अचूक साधन बताया। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल और खुद की दूसरों से तुलना करने की आदत से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन दिव्या गुप्ता और सना ने बेहतरीन तरीके से किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चंदन कुमार सिन्हा ने दिया। इस मौके पर कॉलेज के तमाम शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।