मुजफ्फरपुर के लिए ऐतिहासिक दिन: डॉ. विजय कुमार गुप्ता की पुस्तक ‘बिहार में ग्रामीण विकास’ का हुआ भव्य विमोचन

भारतीय अर्थव्यवस्था के फलक पर बुधवार का दिन मुजफ्फरपुर और पूरे बिहार के अकादमिक जगत के लिए बेहद खास और गौरवशाली रहा। अवसर था इंडियन इकनॉमिक एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन और 109वें वार्षिक सम्मेलन से पहले आयोजित एक विशेष सत्र का। इस गरिमामय कार्यक्रम में देश के दिग्गज अर्थशास्त्रियों की मौजूदगी के बीच डॉ. विजय कुमार गुप्ता की शोधपरक पुस्तक “बिहार में ग्रामीण विकास: स्वतंत्रता से डिजिटल युग तक की यात्रा” का आधिकारिक विमोचन किया गया। देश भर से पहुंचे आर्थिक विशेषज्ञों ने इस कृति को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अध्ययन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।

देश के दिग्गज अर्थशास्त्रियों की रही मौजूदगी

इस शानदार कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के चेयरमैन और इंडियन इकनॉमिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग के प्रतिष्ठित प्रोफेसर प्रवीण झा ने की।

इस दौरान डॉ. तम्मा कोटि रेड्डी और प्रो. अश्विनी महाजन समेत देश के कोने-कोने से पहुंचे आर्थिक चिंतन के कई जाने-माने विद्वान विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रीय आयोजन की शान को और बढ़ा दिया।

क्या है इस पुस्तक में खास?

डॉ. विजय कुमार गुप्ता की यह पुस्तक स्वतंत्रता के बाद से लेकर आज के डिजिटल दौर तक बिहार के ग्रामीण समाज और अर्थव्यवस्था में आए बदलावों का बेहद बारीक और शोधपरक विश्लेषण पेश करती है।

इस किताब में कई अहम पहलुओं को गहराई से शामिल किया गया है, जैसे:

  • कृषि विकास और भूमि सुधार
  • ग्रामीण रोजगार और आजीविका के साधन
  • पंचायती राज संस्थाओं की सक्रिय भूमिका
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शासन का प्रभाव

लेखक ने इस किताब के जरिए ग्रामीण बिहार की विकास यात्रा की सफलताओं, चुनौतियों और आने वाले कल की संभावनाओं को ऐतिहासिक व आधुनिक परिप्रेक्ष्य में बहुत ही शानदार ढंग से उजागर किया है।

कौन हैं डॉ. विजय कुमार गुप्ता?

इस महत्वपूर्ण पुस्तक के रचयिता डॉ. विजय कुमार गुप्ता वर्तमान में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के अंतर्गत आने वाले वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर के अर्थशास्त्र विभाग में वरीय सहायक प्राध्यापक हैं। उनका पूरा शैक्षणिक सफर ग्रामीण विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास जैसे गंभीर विषयों पर रिसर्च करने में बीता है। देश के शीर्षस्थ अर्थशास्त्रियों के हाथों उनकी इस किताब का विमोचन न सिर्फ उनके लिए, बल्कि समूचे बिहार के शिक्षा जगत के लिए गर्व का पल है।

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