बिहार की सियासत में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजधानी दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी पहले से वहां मौजूद थे। इस सुबह-सुबह हुई वीआईपी मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
गंगा से गाद हटाने और पीएम मोदी का संदेश
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा दिल्ली में हुई बैठकों का फीडबैक साझा करना था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को गंगा नदी से गाद (Silt) हटाने को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते की जानकारी दी। उन्होंने इस अहम फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश नीतीश कुमार तक पहुंचाया और उन्हें बधाई दी। जानकारों का मानना है कि गंगा से गाद हटने से बिहार में बाढ़ प्रबंधन और जल संसाधन से जुड़ी बड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा।
सीतामढ़ी-अयोध्या वंदे भारत और त्योहारों पर विशेष ट्रेनें
मुलाकात के दौरान राज्य के इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सम्राट चौधरी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष दो बड़े प्रस्ताव रखे हैं:
- सीतामढ़ी से अयोध्या के बीच ‘वंदे भारत ट्रेन’ का परिचालन शुरू करना, जिससे धार्मिक पर्यटन को तगड़ा बूस्ट मिलेगा।
- आगामी दीपावली और छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए देश के विभिन्न हिस्सों से बिहार के लिए विशेष ट्रेनें चलाना, ताकि परदेश से घर लौटने वाले प्रवासियों को सफर में किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके अलावा, बैठक में आगामी विधान परिषद चुनावों की तैयारियों और एनडीए सरकार के विकास एजेंडे पर भी मंथन किया गया। सुबह-सुबह हुई इस मुलाकात के बाद से राजनीतिक विश्लेषक इसे आने वाले समय की बड़ी रणनीतियों से जोड़कर देख रहे हैं।