JEE Advanced Result 2026: बिहार के शुभम कुमार बने देश के टॉपर, कोटा-सीकर का फिर बजा डंका, कटऑफ में भारी उछाल

देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced 2026 के नतीजे आ चुके हैं। इस बार के नतीजों ने साफ कर दिया है कि मेहनत और सही दिशा मिले, तो छोटे शहरों के बच्चे भी देश के सबसे बड़े मंच पर चमक सकते हैं। इस साल IIT Delhi Zone का दबदबा एकतरफा रहा है।

बिहार के गया के रहने वाले शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है। वहीं, दिल्ली के कबीर छिल्लर दूसरे और राजस्थान के जतिन चाहर तीसरे पायदान पर रहे। इस बार के रिजल्ट की सबसे बड़ी बात यह रही कि टॉप-10 में से 6 छात्रों ने राजस्थान के कोटा और सीकर से तैयारी की थी, जिसने साबित कर दिया कि कोचिंग हब का जलवा आज भी कायम है।

JEE Advanced 2026: नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

इस साल परीक्षा में बैठने वाले और सफल होने वाले छात्रों के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

विवरणआंकड़े
कुल शामिल अभ्यर्थी (दोनों पेपर)1,79,694
कुल क्वालिफाइड छात्र56,880
सफलता का प्रतिशत31.65%
सफल छात्राएं10,107
फीमेल टॉपरआरोही देशपांडे (AIR 77, स्कोर: 280/360)

मिलिए देश के टॉप-3 जांबाजों से: संघर्ष और सफलता की कहानी

1. ऑल इंडिया रैंक 1: शुभम कुमार (बिहार)

  • स्कोर: 330/360
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: शुभम बिहार के गया के रहने वाले हैं। उनके पिता शिव कुमार एक छोटी सी हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं।
  • खास बात: शुभम के घर में टैलेंट कूट-कूट कर भरा है। उनकी बड़ी बहन श्रेया भी इस समय IIT पटना से कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर रही हैं। बहन से प्रेरणा लेकर शुभम ने देश में टॉप किया।

2. ऑल इंडिया रैंक 2: कबीर छिल्लर (दिल्ली)

  • स्कोर: 329/360
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: दिल्ली के रहने वाले कबीर को इंजीनियरिंग विरासत में मिली है। उनके पिता मोहित खुद IIT खड़गपुर के एलुमनाई हैं और एक प्राइवेट कंपनी में बड़े पद पर हैं, जबकि मां प्रियंका टीचर हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए कबीर ने यह मुकाम हासिल किया।

3. ऑल इंडिया रैंक 3: जतिन कुमार चाहर (राजस्थान)

  • स्कोर: 319/360
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: झुंझनूं जिले के छोटे से गांव गोठ के रहने वाले जतिन ने सीकर में रहकर पढ़ाई की।
  • सक्सेस मंत्र: जतिन का कहना है कि उन्होंने कभी रट्टा नहीं मारा। उनका पूरा ध्यान कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर था, जो परीक्षा के दिन उनके काम आया।

कोटा का दबदबा: टॉप-10 की लिस्ट में शामिल अर्णव गौतम (AIR 7), कनिष्क जैन (AIR 8) और दर्श सिक्का (AIR 10) ने भी कोटा की धरती पर रहकर ही अपनी तैयारी को आखिरी अंजाम दिया था।

रिजल्ट का सटीक विश्लेषण: इस बार क्या रहा अलग?

1. कटऑफ में 18 अंकों का ऐतिहासिक उछाल

इस साल के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। साल 2025 के मुकाबले इस बार कटऑफ में सीधे 18 अंकों की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। जनरल कैटेगरी (CRL) का कटऑफ 92 नंबर तक चला गया है। यह साफ दिखाता है कि इस साल कॉम्पिटिशन का लेवल कितना कड़ा था और छात्रों ने पेपर पैटर्न को बहुत अच्छे से क्रैक किया था।

2. हर सब्जेक्ट में पास होना हुआ मुश्किल

इस बार सिर्फ टोटल मार्क्स लाना ही काफी नहीं था, बल्कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (Subject-wise) में मिलने वाले न्यूनतम अनिवार्य अंकों (Minimum Marks) की सीमा भी बढ़ा दी गई। जनरल कैटेगरी के लिए विषयवार कटऑफ में 8 अंकों की बढ़ोतरी की गई, जिसका मतलब है कि छात्रों को तीनों विषयों में बैलेंस बनाकर चलना पड़ा।

3. राजस्थान के ‘इकोसिस्टम’ का कोई तोड़ नहीं

भले ही टॉप दो रैंक दिल्ली जोन (बिहार और दिल्ली के छात्रों) के नाम रही हो, लेकिन टॉप-10 में से 6 छात्रों का राजस्थान (कोटा और सीकर) से होना यह साबित करता है कि आईआईटी की तैयारी के लिए आज भी राजस्थान का माहौल और वहां का इकोसिस्टम देश में सबसे भरोसेमंद है।

कैटेगरी वाइज कटऑफ: किसको कितने नंबर पर मिली रैंक?

IIT मद्रास द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अलग-अलग कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग मार्क्स इस प्रकार रहे:

  • सामान्य वर्ग (CRL): हर विषय में कम से कम 8 अंक और कुल मिलाकर न्यूनतम 92 अंक लाना अनिवार्य था।
  • OBC-NCL / EWS: प्रत्येक विषय में न्यूनतम 7 अंक और कुल मिलाकर 82 अंक
  • SC / ST / PwD: प्रत्येक विषय में न्यूनतम 4 अंक और कुल मिलाकर 46 अंक
  • प्रिपरेटरी कोर्स लिस्ट: प्रत्येक विषय में 2 अंक और कुल मिलाकर 23 अंक

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