समस्तीपुर को मिला पहला ग्रामीण SP: मुकुल कुमार रंजन ने संभाली कमान, 17 थानों की निगरानी का मिला जिम्मा

बिहार के समस्तीपुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले में पहली बार ‘ग्रामीण एसपी’ (Rural SP) की व्यवस्था लागू कर दी गई है। तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी मुकुल कुमार रंजन ने समस्तीपुर के पहले ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार संभाल लिया है।

मुख्य बिंदु:

  • मुकुल कुमार रंजन ने संभाला समस्तीपुर के पहले ग्रामीण एसपी का पदभार।

  • सर्किट हाउस में मिला गार्ड ऑफ ऑनर, एसएसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ की हाई-लेवल मीटिंग।

  • जिले के 3 अनुमंडलों के कुल 17 ग्रामीण थाने अब सीधे ग्रामीण एसपी के क्षेत्राधिकार में होंगे।

  • थानेदार से लेकर सिपाहियों तक पर प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन का रहेगा अधिकार।

समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले में पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए गृह विभाग द्वारा सृజित ‘स्टाफ ऑफिसर कोटि’ के नए पद पर मुकुल कुमार रंजन की तैनाती की गई है। पदभार ग्रहण करने से पहले सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अरविंद प्रताप सिंह के साथ बैठक कर जिले के आपराधिक मामलों और सुरक्षा व्यवस्था की गहराई से समीक्षा की।

बता दें कि पदभार संभालने से ठीक पहले मुकुल कुमार रंजन पटना में एसपी (विधि-व्यवस्था) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब समस्तीपुर में उनके आने से ग्रामीण इलाकों में पुलिस और जनता के बीच तालमेल और अपराध नियंत्रण में तेजी आने की उम्मीद है।

किन 3 अनुमंडलों के 17 थाने रहेंगे ग्रामीण एसपी के अधीन?

नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जिले के तीन प्रमुख अनुमंडलों के कुल 17 थानों की जिम्मेदारी ग्रामीण एसपी के कंधों पर होगी। इससे मुकदमों के त्वरित अनुसंधान और लंबित मामलों के जल्द निपटारे में मदद मिलेगी:

  1. रोसड़ा अनुमंडल (8 थाने): रोसड़ा, सिंघिया, विभूतिपुर, बिथान, हसनपुर, लरझाघाट, हथौड़ी और शिवाजीनगर।

  2. दलसिंहसराय अनुमंडल (5 थाने): दलसिंहसराय, विद्यापतिनगर, उजियारपुर, अंगारघाट और घटहो।

  3. पटोरी अनुमंडल (4 थाने): पटोरी, मोहिउद्दीननगर, हलई और मोहनपुर।

मिले हैं बड़े प्रशासनिक और disciplinary अधिकार

ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को बिना किसी ढिलाई के चलाने के लिए ग्रामीण एसपी को ठोस प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक, वे अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले किसी भी थाने के दारोगा (SHO), सिपाही या हवलदार को सीधे निलंबित करने का अधिकार रखते हैं। हालांकि, पुलिस लाइन में तैनात कर्मियों पर कार्रवाई के लिए उन्हें एसएसपी से विचार-विमर्श करना होगा।

समग्र रूप से ग्रामीण एसपी जिले के एसएसपी अरविंद प्रताप सिंह के निर्देशन और पर्यवेक्षण में ही काम करेंगे, जिससे प्रशासनिक फैसलों में एकरूपता बनी रहे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top