समस्तीपुर/बिहार स्कैन
बिहार के समस्तीपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिले के शैक्षणिक तंत्र को दुरुस्त करने के लिए अब शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। यू-डाइस (UDISE+) और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों और शिक्षकों के डेटा प्रविष्टि में भारी अंतर मिलने के बाद विभाग ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी संयुक्त पत्र के बाद सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, लेखा सहायकों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों और आईसीटी कोऑर्डिनेटरों की नींद उड़ गई है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर इन सभी कमियों को दूर कर लें, अन्यथा कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पोर्टल के आंकड़ों में चौंकाने वाला अंतर समीक्षा के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे सचमुच हैरान करने वाले हैं:
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छात्रों के आंकड़ों में भारी गैप: यू-डाइस 2025-26 के मुकाबले 2026-27 में 72,214 बच्चों का बड़ा अंतर मिला है। वहीं, ई-शिक्षाकोष 2026-27 के आंकड़ों के मुकाबले यू-डाइस में 97,682 बच्चों की प्रविष्टि कम दिख रही है।
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शिक्षकों की सूची में भी गड़बड़ी: सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक मॉड्यूल में भी ई-शिक्षाकोष की तुलना में यू-डाइस पोर्टल पर 1,067 शिक्षकों का अंतर आ रहा है।
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शून्य नामांकन वाले स्कूल: जिले के 59 विद्यालय ऐसे हैं जहाँ अभी भी ‘शून्य नामांकन’ प्रदर्शित हो रहा है, जबकि 3 स्कूलों में सिंगल टीचर और 1 स्कूल में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है।
कहाँ फंस रहा है पेच? विभाग का मानना है कि छात्र डेटा प्रोग्रेशन के दौरान जब बच्चों को कक्षा 5 से 6 और 8 से 9 में प्रमोट किया जा रहा था, तब अधिकांश बच्चे ‘ड्रॉप-बॉक्स’ में ही फंस गए। नए विद्यालयों ने समय पर इन बच्चों को इम्पोर्ट नहीं किया। इसके अलावा, जिन बच्चों की प्रविष्टि पोर्टल पर नहीं है, उनके लिए नए फॉर्मेट एसओटू (SO2) के माध्यम से ब्लॉक एमआईएस लॉगिन से एंट्री कराने की प्रक्रिया तय की गई है।
बड़े प्रखंडों में सबसे गंभीर समस्या समस्तीपुर जिले के बड़े प्रखंडों में यह डेटा अंतराल सबसे ज्यादा व्यापक है:
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समस्तीपुर: यहाँ सबसे अधिक 289 विद्यालय हैं, जहाँ कुल छात्रों और पोर्टल मिलान में बड़ा गैप है।
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विभूतिपुर: 273 विद्यालय और 65,662 छात्र प्रभावित।
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कल्याणपुर: 268 विद्यालय और 58,931 छात्र पंजीकृत।
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उजियारपुर: 252 विद्यालय और 54,210 छात्र। इसके अलावा रोसड़ा, दलसिंहसराय, मोहिउद्दीननगर, मोरवा, पटोरी, पूसा और सरायरंजन में भी हजारों छात्रों और शिक्षकों का डेटा मिसमैच हो रहा है।
आधार और APAAR ID पर जोर, एक हफ्ते का अल्टीमेटम विभाग ने इस अंतर को खत्म करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि कक्षा 1 से 12 तक के जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका तुरंत आधार बनवाया जाए। नामांकन रजिस्टर से मिलान कर एसओथ्री फॉर्म के जरिए त्रुटियां सुधारी जाएं। यू-डाइस पर एंट्री के बाद पेन (PEN) जनरेट होते ही सभी बच्चों का अपार आईडी (APAAR ID) अनिवार्य रूप से बनाने को कहा गया है, खासकर कक्षा 9 व 11 के रजिस्ट्रेशन और 10 व 12 के परीक्षा फॉर्म के लिए यह बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने दो टूक कह दिया है कि पत्र प्राप्ति के मात्र एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत काम पूरा करें, वरना लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर गाज गिरनी तय है।