Adani Group के खाद्य तेल ब्रांड ‘फॉर्च्यून’ के नाम पर नकली ‘फॉर्च्यून’ तेल बेचने के मामले में मधुबनी जिले के झंझारपुर में बड़ी कार्रवाई हुई है। कंपनी की विजिलेंस टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बाजार समिति परिसर और कई किराना दुकानों में छापेमारी की, जहां से करीब 600 पाउच कथित नकली ‘फॉर्च्यून’ तेल बरामद किया गया।
इस कार्रवाई के बाद इलाके के किराना व्यापारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से इस पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी।
रेकी के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, कंपनी की अधिकृत विजिलेंस एजेंसी ‘आईपी इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्टिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड’ की चार सदस्यीय टीम ने यह छापा मारा। टीम का नेतृत्व विजिलेंस अधिकारी तोतन चक्रवर्ती कर रहे थे।
स्थानीय पुलिस बल के साथ बाजार समिति परिसर स्थित एक फूसनुमा किराना गोदाम पर अचानक दबिश दी गई। जांच के दौरान वहां ‘फॉर्च्यून’ ब्रांड के 750 एमएल वाले बड़ी संख्या में पाउच मिले, जो शुरुआती जांच में नकली फॉर्च्यून तेल बताए जा रहे हैं।
इसके बाद टीम ने संबंधित दुकानदार से जुड़े दो अन्य गोदामों की भी तलाशी ली, हालांकि वहां से कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला।
लैब जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
जब्त किए गए सभी नकली फॉर्च्यून तेल पाउच को जांच के लिए थाना लाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सैंपल को लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस टीम ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नकली और मिलावटी खाद्य तेल सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे तेल के सेवन से हृदय रोग, पेट संबंधी गंभीर बीमारियां और कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस बोली- आवेदन मिलते ही दर्ज होगी प्राथमिकी
मामले पर झंझारपुर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष बिहारी आलम ने कहा कि कंपनी की ओर से आधिकारिक आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस छापेमारी के बाद पूरे अनुमंडल क्षेत्र में नकली खाद्य सामग्री के कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर लगातार ऐसी कार्रवाई होती रही तो मिलावटखोरों पर बड़ी रोक लग सकती है।