सुपौल/बिहार स्कैन:
बिहार के सुपौल जिले से शिक्षा व्यवस्था की साख पर बट्टा लगाने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए एक विशिष्ट शिक्षक क्लासरूम के अंदर बच्चों को पढ़ाने के बजाय गहरी नींद लेते नजर आए। हद तो तब हो गई जब वे जीन्स पहनकर कुर्सी पर पैर फैलाकर बेफिक्र होकर सोते दिखे। इस शर्मनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया, जिसके बाद हरकत में आए जिला शिक्षा विभाग ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह पूरा मामला सुपौल जिले के मरौना प्रखंड के अंतर्गत आने वाले उत्क्रमित मध्य विद्यालय जीवछपुर बालक का बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो से खुला राज, महकमे में मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें स्कूल के एक शिक्षक क्लासरूम के भीतर आराम फरमाते दिख रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल ने अपने कार्यालय के पत्रांक 339 (दिनांक 28.10.2026) के तहत इस वायरल वीडियो की गहराई से जांच कराई। जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय जीवछपुर बालक के विशिष्ट शिक्षक श्री अजीत कुमार विद्यालय अवधि के दौरान पढ़ाई कराने के बजाय कक्षा कक्ष में जीन्स पैंट पहनकर और कुर्सी पर पैर रखकर मजे से सो रहे थे।
बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और नियमों की धज्जियां
जांच रिपोर्ट में यह बात खुलकर सामने आई कि स्कूल के समय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय एक शिक्षक का इस तरह क्लास में सोना न केवल मासूम छात्रों के भविष्य और शैक्षणिक हितों के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह पूरे विद्यालय की प्रतिष्ठा और व्यवस्था को भी धूमिल करता है।
प्रशासनिक जांच के मुताबिक, शिक्षक का यह गैर-जिम्मेदाराना कृत्य सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के घोर अभाव और ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976’ के नियम 10 “ख” समेत अन्य प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। कर्तव्य के प्रति इस तरह की लापरवाही को प्रथम दृष्ट्या बिल्कुल सही पाया गया है।
निलंबन की गाज, मुख्यालय तय और विभागीय कार्रवाई शुरू
आरोपों की पुष्टि होने के बाद अनुशासनात्मक प्राधिकारी ने ‘बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधित) नियमावली 2024’ के नियम 11.2 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए शिक्षक अजीत कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक अजीत कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय, मरौना तय किया गया है। विभाग के नियमों के अनुसार, निर्धारित मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ही उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिल सकेगा। इस कड़ी कार्रवाई से जिले के लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।