भागलपुर/बिहार स्कैन
बिहार के भागलपुर जिले से पारिवारिक रिश्तों की नींव को हिला देने वाली एक बेहद अजीब और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पिछले 16 महीनों के भीतर 39 शादीशुदा महिलाएं मामूली तकरार के बाद अपने पतियों को ‘टाटा-बाय-बाय’ कहकर प्रेमियों के साथ फरार हो गई हैं। इस अजीबोगरीब ट्रेंड ने न सिर्फ पतियों की रातों की नींद उड़ा दी है, बल्कि पुलिस और समाजशास्त्रियों को भी सोच में डाल दिया है।
थानों में लग रही गुहार, छोड़ गईं फेयरवेल नोट्स इशाकचक, बरारी, जोगसर, तातारपुर और घोघा समेत कई थानों में इन मामलों को लेकर पति अपनी पत्नियों की बरामदगी के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में महिलाओं ने घर छोड़ते वक्त बकायदा चिट्ठियां या व्हाट्सएप मैसेज छोड़े हैं। इन संदेशों में साफ-साफ ‘टाटा-बाय-बाय’ और ‘मेरी मंजिल कुछ और है’ जैसी बातें लिखकर वे चुपचाप अपने प्रेमियों की बाहों में चली गईं।
ज्यादातर नई शादियाँ और सोशल मीडिया का असर पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो जिन मामलों में शिकायतें दर्ज हुई हैं, उनमें से अधिकांश महिलाओं की शादी को अभी महज 1 से 5 महीने ही हुए थे। इन घटनाओं के पीछे मुख्य वजहें मोबाइल चैटिंग, सोशल मीडिया का अति प्रयोग, पुराना प्रेम प्रसंग या छोटी-मोटी घरेलू कलह सामने आ रही हैं।
इशाकचक और बरारी थाना पुलिस ने कई मामलों में मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर महिलाओं को बरामद भी किया, लेकिन कोर्ट में उनके बालिग होने और अपनी मर्जी से जाने का बयान देने के बाद पतियों के हाथ सिर्फ निराशा लगी। कानूनन बालिग होने के कारण इन महिलाओं ने अपनी पसंद का रास्ता चुना, जिससे कई घर पूरी तरह उजड़ गए।
मनोचिकित्सक और विशेषज्ञ चिंतित इस बढ़ते घटनाक्रम पर मनोचिकित्सकों का मानना है कि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, रिश्तों में बढ़ती दूरियां और छोटी-मोटी अनबन पर सहनशीलता की कमी परिवार जैसी संस्था को भीतर से खोखला कर रही है। सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति उन मासूम बच्चों और पतियों की है, जो अदालतों और थानों की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। बरामद होने के बाद भी जब पत्नियां साथ लौटने से साफ इंकार कर देती हैं, तो पतियों का संसार उजड़ जाता है। बहरहाल, बढ़ती इन घटनाओं ने समाज के ताने-बाने पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।