मुजफ्फरपुर:
बिहार के नामचीन और प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के कैंपस में एक बार फिर जातीय तनाव और गुटबाजी ने सिर उठा लिया है। कॉलेज परिसर के भीतर छात्र जातिगत समूहों (फाइलम) में बंटे नजर आ रहे हैं, जिसके चलते हाल के दिनों में कई बार हिंसक झड़पें और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस बिगड़ते माहौल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने अब पूरी तरह सख्ती बरतने का मन बना लिया है और अनुशासन समिति की बैठकों के जरिए दोषियों पर बड़े एक्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
हॉस्टल नंबर-2 में मारपीट और अनुशासनहीनता का खुला खेल
शुक्रवार को एमआईटी में हुई अनुशासन समिति की अहम बैठकों के दौरान दो बड़े मामलों पर मैराथन सुनवाई की गई। इसमें सबसे प्रमुख मामला हॉस्टल नंबर-2 में हुई मारपीट का था, जिसमें कुल 12 छात्रों को नोटिस जारी कर तलब किया गया था। शुरुआती जांच-पड़ताल में यह बात साफ हो गई कि इनमें से कुछ छात्र जानबूझकर अपने साथियों को भड़का रहे थे और कैंपस का माहौल खराब करने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
इसके अलावा, बी-फार्मा और बी-टेक के छात्रों के बीच वर्चस्व की जंग और रैगिंग जैसी बेहद गंभीर शिकायतें भी प्रशासन के सामने आई हैं। सुनवाई के दौरान जब परिजनों और अभिभावकों के सामने उनके बच्चों के इस खौफनाक और हिंसक बर्ताव की परतें खुलीं, तो उन्हें भरी महफिल में शर्मिंदगी उठानी पड़ी।
अर्द्धनग्न घूमकर आतंक फैलाने वाले छात्रों पर लटकी निष्कासन की तलवार
कैंपस से मिल रही अंदरूनी खबरों के मुताबिक, कुछ छात्रों द्वारा अर्द्धनग्न होकर परिसर में घूमना और दहशत फैलाने जैसी संदिग्ध हरकतें भी रिपोर्ट की गई हैं। इन तमाम गंभीर शिकायतों को अनुशासन समिति ने बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों की मानें तो अनुशासनहीनता और हिंसा में सीधे तौर पर संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों पर अब कॉलेज से सीधे निष्कासन (Expulsion) की बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। कॉलेज प्रशासन की इस अचानक और कड़ी सख्ती से कैंपस के हुड़दंगियों में अंदर ही अंदर हड़कंप मच गया है।
मुख्य बिंदु:
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जातिगत गुटबाजी: MIT कैंपस में छात्रों के बीच लगातार गहरे होते जातिगत तनाव और गुटबाजी ने बढ़ाई एडमिनिस्ट्रेशन की चिंता।
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बड़ी कार्रवाई: हॉस्टल में वर्चस्व की जंग और मारपीट के मामलों में घिरे छात्रों पर निष्कासन का मंडरा रहा है खतरा।
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अभिभावकों की पेशी: अनुशासन समिति की बैठक में दोषी छात्रों के साथ उनके परिजनों को भी किया गया तलब।