पटना/बिहार स्कैन:
बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर के बहुप्रतीक्षित तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के हजारों भू-स्वामियों और किसानों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने इस टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और उसके हस्तांतरण (ट्रांसफर) पर लगी रोक को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। सरकार के इस स्वागतयोग्य कदम से उन स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले कुछ समय से जमीन की रजिस्ट्री बंद होने के कारण भारी आर्थिक तंगी और व्यावहारिक परेशानियों से जूझ रहे थे। अब लोग अपनी जरूरत के हिसाब से कानूनी दायरे में रहकर अपनी जमीन का क्रय-विक्रय कर सकेंगे।
क्यों लगाई गई थी रोक और अब क्या बदला?
आपको बता दें कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने पिछले साल 23 अप्रैल 2026 को तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए करीब 800 एकड़ के ‘कोर एरिया’ और 20,200 एकड़ के ‘स्पेशल एरिया’ में भूमि के हस्तांतरण पर पाबंदी लगा दी थी। यह प्रतिबंध मास्टर प्लान तैयार होने की समय-सीमा यानी 30 जून 2027 तक प्रभावी रहना तय किया गया था।
इस पाबंदी के चलते भू-स्वामी अपनी ही निजी जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर पा रहे थे, जिससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और अन्य जरूरतों को लेकर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। स्थानीय लोगों की इन विकट समस्याओं और लगातार उठ रही मांगों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रिमंडल ने इस पर मुहर लगाई, जिसके बाद विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
नियमों के दायरे में होगा टाउनशिप का विकास
सरकार ने अपनी अधिसूचना में यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा ली गई है, लेकिन भविष्य में इस क्षेत्र का विकास पूरी तरह नियोजित तरीके से ही होगा। टाउनशिप की विकास योजना जब पूरी तरह अधिसूचित हो जाएगी, तब वहां भवन निर्माण और जमीन का विकास तय किए गए लैंड यूज (भूमि उपयोग) और ‘विकास नियंत्रण विनियम’ (DCR) के नियमों के तहत ही करना होगा। सरकार फिलहाल सैटेलाइट शहरों के सुव्यवस्थित और आधुनिक विकास के लिए मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने में जुटी है। सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ आम जनता को तत्काल बड़ी आर्थिक राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ इलाके के व्यवस्थित विकास का रास्ता भी साफ हो गया है।