बिहार में प्रशासनिक फेरबदल: IAS कुंदन कुमार ने संभाला गृह सचिव का जिम्मा; कुर्सी संभालते ही अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

पटना: बिहार के प्रशासनिक हलके से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। राज्य के तेजतर्रार और वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी कुंदन कुमार ने गृह विभाग के नए सचिव के रूप में आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया है। राजधानी पटना स्थित मुख्य सचिवालय में पदभार ग्रहण करने के साथ ही नए गृह सचिव पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने साफ कर दिया है कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक फाइलों के निपटारे में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कुंदन कुमार के गृह सचिव के रूप में कमान संभालते ही गृह विभाग के तमाम आला अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके तुरंत बाद विभाग के कामकाज को रफ्तार देने और प्राथमिकताओं को तय करने के लिए एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई गई।

फूलों और अंगवस्त्र से हुआ नए कप्तान का स्वागत

पदभार ग्रहण करने के इस खास मौके पर गृह विभाग के दफ्तर में वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा रहा। विभाग के विशेष सचिव अनिल कुमार चौधरी और क्षत्रनील कुमार के साथ-साथ विशेष सचिव सह प्रभारी निदेशक (अभियोजन) सुधांशु कुमार चौबे ने नए गृह सचिव कुंदन कुमार का स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ (बुके), स्मृति चिन्ह और पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट कर नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

स्वागत की औपचारिकताएं खत्म होते ही नए गृह सचिव तुरंत काम पर लौट आये, जो उनके काम करने के पेशेवर अंदाज को बयां करता है।

प्रेजेंटेशन के जरिए समझा फाइलों का गणित

कुर्सी संभालने के ठीक बाद एक परिचयात्मक और समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गृह विभाग के संयुक्त सचिव कमल नयन ने एक विस्तृत डिजिटल प्रस्तुतीकरण (Presentation) पेश किया। इस प्रेजेंटेशन के जरिए नए गृह सचिव को विभाग की मौजूदा स्थिति से रूबरू कराया गया।

बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

  • राज्य में चल रही महत्वपूर्ण गृह योजनाएं और उनकी जमीनी हकीकत।
  • आगामी दिनों में लागू होने वाले नए सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यक्रम।
  • अदालती मामलों और अभियोजन (Prosecution) से जुड़े लंबित कार्य।
  • पुलिस आधुनिकीकरण और थानों के बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स।

“काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं…” गृह सचिव का कड़ा संदेश

विभागीय योजनाओं और फाइलों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद गृह सचिव कुंदन कुमार ने अपने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी स्तर के अधिकारियों को दोटूक लहजे में हिदायत दी कि पुरानी सुस्ती को छोड़कर अब रफ्तार पकड़नी होगी।

अधिकारियों को निर्देश देते हुए गृह सचिव ने कहा:

“गृह विभाग राज्य की रीढ़ है, इसलिए यहां के कार्यों का निष्पादन पूरी तरह से प्रभावी और समयबद्ध (Time-bound) होना चाहिए। फाइलों को बेवजह दबाकर रखने की आदत अब छोड़नी होगी। आम जनता और राज्य की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा कि विभाग के सभी विंग्स के बीच आपसी समन्वय (Coordination) बेहतरीन होना चाहिए ताकि फैसलों को तुरंत जमीन पर उतारा जा सके। उन्होंने सभी कर्मचारियों से पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।

बैठक में ये सीनियर अफसर रहे मौजूद

बिहार सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान गृह विभाग की पूरी कोर टीम मौजूद रही। इनमें विशेष सचिव अनिल कुमार चौधरी, विशेष सचिव क्षत्रनील कुमार, विशेष सचिव सह प्रभारी निदेशक (अभियोजन) सुधांशु कुमार चौबे, संयुक्त सचिव कमल नयन और अमलेन्दु कुमार सहित विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और अनुभाग अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि कुंदन कुमार के आने से बिहार के गृह विभाग की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि वे अपनी कड़क कार्यप्रणाली और वक्त पर काम पूरा कराने के लिए जाने जाते हैं।

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