समस्तीपुर: ‘द उम्मीद’ ने स्कूली छात्राओं को सिखाए डिजिटल सुरक्षा के गुर, मिशन साइबर चेतना से बढ़ी जागरूकता

आज के डिजिटल युग में जहां इंटरनेट वरदान है, वहीं साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इसी चुनौती को समझते हुए, समस्तीपुर जिले में बेटियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर के पूर्व कैडेटों द्वारा संचालित सामाजिक संस्था ‘द उम्मीद’ ने अपने विशेष अभियान ‘मिशन साइबर चेतना’ के तहत, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेला पचरुखी में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य न केवल स्कूली छात्र-छात्राओं को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उन्हें बढ़ते साइबर खतरों से बचाव के व्यावहारिक तरीके भी सिखाना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर एम्बेसडर, अमरजीत कुमार ने शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को डिजिटल दुनिया की गहराइयों और छिपे खतरों से रूबरू कराया। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल गोपनीयता जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की और छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए।

रहें सतर्क, न करें ये गलतियां: अमरजीत कुमार

अमरजीत कुमार ने बच्चों को आगाह करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट का इस्तेमाल बेहद सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को स्पष्ट हिदायत दी कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही, अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड या बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया पर अपनी निजता बनाए रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी कभी भी सार्वजनिक न करें।

मुसीबत में तुरंत करें ये काम

साइबर ठगी या उत्पीड़न का शिकार होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए, उन्होंने छात्राओं को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ डायल करने और ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराने की महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि समय रहते मदद मिल सके।

इस जागरूकता कार्यक्रम में ‘द उम्मीद’ टीम के समन्वयक प्रियांशु कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक मंगलेश कुमार सहित अन्य गणमान्य शिक्षकगण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में छात्रों, विशेषकर छात्राओं के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बेहद अनिवार्य है, ताकि वे निडर होकर डिजिटल दुनिया का उपयोग कर सकें।

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