समस्तीपुर/रोसड़ा: बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड में शुक्रवार का दिन निर्माण मजदूरों के लिए भारी निराशा लेकर आया। पिछले कई दिनों से गांव-गांव में प्रचार-प्रसार कर लेबर कार्ड (निर्माण मजदूर कार्ड) बनाने के लिए कैंप लगाए जाने का दावा किया गया था। इसी उम्मीद में सैकड़ों की संख्या में मजदूर सुबह-सुबह प्रखंड कार्यालय पहुंच गए, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि कोई कैंप ही नहीं लगा है!
एक तरफ जहां प्रखंड परिसर में एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान की गहमागहमी चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ अपने हक और भविष्य की उम्मीद लेकर पहुंचे मजदूर अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते बेहाल नजर आए।
प्रशासन के दावों की खुली पोल, दिनभर भटकते रहे मजदूर
दूर-दराज के गांवों से अपना पेट काटकर रोसड़ा प्रखंड कार्यालय पहुंचे मजदूरों को जब खाली हाथ लौटना पड़ा, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। श्रम परिवर्तन पदाधिकारी द्वारा प्रचार कराए जाने के बावजूद मौके पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के नहीं मिलने से मजदूरों में भारी रोष देखा गया।
कार्यालय के चक्कर काटते हुए प्रमिला देवी, श्याम साह, मुन्नी देवी, रवीना खातून समेत दर्जनों मजदूरों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे रोजहाहाड़ी छोड़कर अपना काम दांव पर लगाकर कार्ड बनवाने आए थे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उन्हें मायूस कर दिया।
भाकपा नेताओं ने खोला मोर्चा: दी आंदोलन की चेतावनी
मजदूरों की इस परेशानी को देख भाकपा (CPI) के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता तुरंत मैदान में उतर आए। मौके पर मौजूद भाकपा मजदूर नेता रुमल यादव, रामचंद्र यादव, लक्ष्मण पासवान और मोहम्मद सईद अंसारी ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण मजदूरों के लिए लेबर कार्ड बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी के सहारे उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पंचायतवार विशेष शिविर लगाकर मजदूरों के कार्ड नहीं बनाए गए, तो पार्टी की ओर से जोरदार आंदोलन करते हुए अनुमंडल कार्यालय का घेराव किया जाएगा।