समस्तीपुर में बड़ी डकैती की योजना विफल: STF और पुलिस ने 5 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, सरगना ‘डॉक्टर’ गिरफ्तार

समस्तीपुर पुलिस और एसटीएफ ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। ताजपुर के एक बड़े कारोबारी को लूटने की साजिश रच रहे पांच कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का सरगना, जो पहले भी हत्या और नक्सली मामलों में जेल जा चुका है, पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

मुख्य बिंदु:

  • समस्तीपुर मंडल कारा के पीछे चल रही थी डकैती की योजना।

  • एसटीएफ, डीआईयू और मुफस्सिल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।

  • गिरफ्तार सरगना ‘दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर’ पर हत्या और नक्सली हमले के मामले दर्ज।

  • चार अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल।

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में पुलिस ने एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। ताजपुर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी के घर डकैती डालने की योजना बना रहे पांच कुख्यात बदमाशों को एसटीएफ, डीआईयू (DIU) और मुफस्सिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार शाम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंडल कारा (जेल) के पीछे की गई।

रविवार को मुफस्सिल थाने पर आयोजित प्रेस वार्ता में सदर एसडीपीओ-1 सतीश सुमन ने इस सफलता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार गिरोह का अगला निशाना न केवल ताजपुर था, बल्कि वैशाली जिले का पातेपुर इलाका भी था, जहाँ वे लूट और डकैती को अंजाम देने की फिराक में थे।

जेल से छूटते ही फिर शुरू की आपराधिक गतिविधियां

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों में गिरोह का सरगना, दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर भी शामिल है, जो हसनपुर थाना क्षेत्र के भटवन गांव का निवासी है। दीपक पर पहले से ही नक्सली वारदातों से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हैं। वह महज कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था।

एसडीपीओ-1 ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी मंडल कारा के पीछे जमा होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर पांच को दबोच लिया गया। हालांकि, अंधेरे का लाभ उठाकर चार अन्य अपराधी भागने में सफल रहे। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

सरगना का है लंबा आपराधिक इतिहास

एसडीपीओ-1 सतीश सुमन ने बताया कि दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर शातिर अपराधी है। वर्ष 2018 में वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र में उसने एक व्यक्ति का अपहरण किया था, फिर लेवी मांगी और रकम न मिलने पर उसकी हत्या कर दी थी। उस पर हत्या, आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।

पकड़े गए अन्य अपराधियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए अन्य चार बदमाशों की पहचान भी कर ली गई है, जिन पर पहले से ही कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं:

  1. चंदन कुमार उर्फ दीपक: (पिता – रामदयालु सिंह, ग्राम- बसढ़िया, थाना- दलसिंहसराय) – इस पर लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामले हैं।

  2. मो. रहमतुल्ला उर्फ साहेब: (पिता – मो. ईसाक, वार्ड-2, धर्मपुर, मुफस्सिल थाना) – इस पर नगर थाना में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है।

  3. मो. तालिब: (पिता – मो. कलीम शाह, हसनपुर ओस्ती, थाना- महुआ, वैशाली) – इस पर महुआ थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट का मामला दर्ज है।

  4. राहुल कुमार: (पिता – चंद्र प्रकाश पाल, वार्ड-4, दूधपुरा, मुफस्सिल थाना) – इस पर पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस की सक्रियता ने टाल दी बड़ी अनहोनी

एसडीपीओ-1 ने जोर देकर कहा कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से ताजपुर और पातेपुर क्षेत्रों में होने वाली संभावित डकैती और खून-खराबे को टाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि भागने वाले चारों बदमाशों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

इस पूरी सफल कार्रवाई में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत प्रसाद सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ और डीआईयू के पुलिसकर्मी व पदाधिकारी शामिल रहे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top