Samastipur News: आज के दौर में बच्चों को सही-गलत की पहचान कराना और उन्हें सुरक्षित रखना अभिभावकों और शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ, समस्तीपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लगुनिया सूर्यकंठ में सोमवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में चलाए गए ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ और ‘भारतीय स्कूल जागरूकता अभियान’ के तहत बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO Act) और उनकी सुरक्षा से जुड़े बेहद अहम विषयों पर जागरूक किया गया।
कानूनी प्रावधान और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष शिव शंभू कुमार ने की, जबकि मंच संचालन बाल संसद की प्रधानमंत्री अन्नू प्रिया ने बहुत ही कुशलता से किया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में किशोर न्यायालय समस्तीपुर के सदस्य निर्भय कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को POCSO (पोक्सो) अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ (Good Touch-Bad Touch) का अंतर बहुत ही सरल भाषा में समझाया और उन्हें किसी भी असहज स्थिति में तुरंत अपने शिक्षकों या परिजनों को बताने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति आगाह किया और किसी भी संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 के उपयोग की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
‘डरें नहीं, खुलकर बोलें’ – बाल कल्याण समिति
पैनल अधिवक्ता रूपम जयसवाल ने कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन अपराध एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दोषी को 3 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की कड़ी सजा हो सकती है।
वहीं, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजू कुमारी ने समाज और बच्चों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में डरने या चुप रहने की जरूरत नहीं है, बल्कि खुलकर बोलने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पीड़ित बच्चे की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्य दिनेश कुमार शर्मा, प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार, शिक्षकगण अजय गुप्ता, सत्येन्द्र प्रसाद, नजरुल हसन, कुमारी पूनम सिन्हा, बबिता कुमारी, रेखा कुमारी, वंदना शर्मा, सुषमा सुरेन्द्र सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
अंत में प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने सभी अतिथियों और बच्चों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन “बच्चों की सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी; बाल संरक्षण हमारा संकल्प” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।